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Gyanvapi Case: काशी विश्वनाथ धाम में मोबाइल फोन बैन, ज्ञानवापी सर्वे के चलते सुरक्षा के मद्देनजर फैसला

Gyanvapi Masjid Case: उत्तर प्रदेश में काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में चार से लेकर सात तारीख तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा. सुरक्षा को देखते हुए फोन को प्रतिबंधित किया गया है.

UP News: उत्तर प्रदेश में काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है. चार तारीख से लेकर सात तारीख तक मंदिर में सुरक्षा को देखते हुए फोन को प्रतिबंधित किया गया है. सुबह सात बजे से ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi) परिसर में सर्वे होना है. इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. कार्यालय पुलिस उपायुक्त सुरक्षा पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी (Varanasi) की ओर से प्रेस रिलीज कर बताया गया है कि आम जनमानस/श्रद्धालुओं से अपील की जाती है कि 4 अगस्त 2023 से 7 अगस्त 2023 तक काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा. कृपया ऋद्धालुओं से अनुरोध है कि मोबाइल फोन लेकर न आएं.

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का एएसआई की ओर से सर्वेक्षण कराए जाने के वाराणसी जिला अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका गुरुवार को खारिज कर दी. वाराणसी की जिला अदालत के 21 जुलाई के एक आदेश में शहर में स्थित ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से कराने का आदेश दिया था. अपने 16 पृष्ठ के आदेश में अदालत ने कहा, “इस अदालत के विचार में प्रस्तावित वैज्ञानिक सर्वेक्षण न्यायहित में आवश्यक है. इससे वादी और प्रतिवादी दोनों लाभान्वित होंगे और निचली अदालत को निर्णय करने में मदद मिलेगी. निचली अदालत ने सर्वेक्षण का आदेश न्यायोचित तरीके से पारित किया था.”

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने और क्या कहा?

अदालत ने आगे कहा, “यदि कोई अंतरिम आदेश है तो उसे हटाया जाता है और वाराणसी की जिला अदालत की ओर से 21 जुलाई को पारित आदेश बहाल किया जाता है. संबंधित पक्षों को इस अदालत द्वारा कही गई बातों और एएसआई के हलफनामे को ध्यान में रखकर आदेश का अनुपालन करना होगा.”  अदालत ने कहा, “चूंकि इस मुकदमे की सुनवाई लंबे समय से लटकती रही है, उचित होगा कि संबंधित अदालत सुनवाई को अनावश्यक टाले बगैर तेजी से पूरी करने का प्रयास करे.” वाराणसी की जिला अदालत ने 21 जुलाई को एएसआई को एक विस्तृत वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया था, जिससे यह निर्धारित हो सके कि काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण पुराने मंदिर के ढांचे के ऊपर हुआ है या नहीं.

ये भी पढ़ें- UP Politics: 'परिवार में न्याय नहीं कर पा रहे हैं', यूसीसी पर सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया

वीरेश पाण्डेय इस समय  ABP Ganga में Associate Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वीरेश ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से MA और जामिया विश्वविद्यालय दिल्ली से मास कम्यूनिकेशन Tv जर्नलिज्म में किया हुआ है. वीरेश कुमार पाण्डेय ने अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत साल 2004 में की थी. पत्रकारिता की शुरुआत करके साल 2016 तक दिल्ली में एक Producer से लेकर वरिष्ठ संवाददाता तक का सफ़र तय किया. जिसमें देश की संसद के दोनों सदनों राज्यसभा- लोकसभा को कवर करने का अवसर प्राप्त हुआ. साल 2016 में Bureau Chief बनकर लखनऊ आ गये. उसके बाद साल 2019 फ़रवरी में लोकसभा चुनाव से पहले ABP Network के साथ यूपी Bureau Chief पद के दायित्व के साथ जुड़ गये तब से अब तक ये सफ़र आज तक जारी है.
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