'मैं अपनी पत्नी के पैर छूता हूं, विपक्षी नेताओं को भी...' लोकसभा में दिया रवि किशन का ये बयान वायरल
लोकसभा में महिला आरक्षण और संविधान संशोधन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन का बयान खासा चर्चा में आ गया.

- रवि किशन ने पत्नी के पैर छूने को बताया महिलाओं का सम्मान.
- संघर्ष के दिनों में पत्नी के साथ देने का किया ज़िक्र.
- विपक्ष को भी पत्नी के पैर छूने की सलाह दी.
- महिलाओं के जीवन में सरकारी योजनाओं से आए बदलाव पर बोले.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और अभिनेता रवि किशन ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि वह अपनी पत्नी के पैर छूते हैं क्योंकि संघर्ष के दिनों में वह उनके साथ खड़ी रहीं.
गोरखपुर से लोकसभा सदस्य ने महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को भी अपनी पत्नियों के पैर छूने चाहिए और यदि वे ऐसा करेंगे तभी ‘रवि किशन’ बनेंगे और दुनिया उन्हें जानेगी.
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उन्होंने कहा, 'मुझे लाखों वोट मिलता है. उसमें एक-डेढ़ लाख मेरी धर्मपत्नी लाती हैं. मैं उनके पैर छूता हूं...पैर क्यों नहीं छूना चाहिए. जब मैं सिनेमा में संघर्ष कर रहा था तो उन्होंने गरीबी में मेरा साथ दिया. मैं उनके पैर क्यों नहीं छूऊंगा?' उन्होंने कहा, 'मेरी पत्नी पैर नहीं छूने देती हैं, लेकिन जब वह गहरी नींद में होती हैं तब मैं पैर छूता हूं.'
'विरोधियों को भी छूना चाहिए पैर...'
रवि किशन ने कहा, 'विरोधियों को भी छूना चाहिए. तभी वे रवि किशन बनेंगे और दुनिया जानेगी.' भाषण के दौरान उन्होंने अपने बचपन की गरीबी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके गांव में न चूल्हा था, न शौचालय, और महिलाओं को अंधेरा होने का इंतजार करना पड़ता था. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की योजनाओं से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है.
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रविकिशन ने महिला आरक्षण को 33 प्रतिशत तक लागू करने और परिसीमन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की. उन्होंने दावा किया कि अगर यह विधेयक पारित नहीं हुआ तो देश की महिलाएं विपक्ष को कभी माफ नहीं करेंगी.
अपने भाषण में उन्होंने महिलाओं की उपलब्धियों-फाइटर जेट उड़ाने से लेकर सेना, खेल और पंचायतों में नेतृत्व-का जिक्र करते हुए कहा कि अब उन्हें संसद में भी बराबर भागीदारी मिलनी चाहिए.





















