गाजीपुर: टोल और रॉयल्टी बचाने का नया खेल, ट्रक से मिले 6 फर्जी नंबर प्लेट, ऐसे बदलते थे माफिया
Ghazipur News In Hindi: गाजीपुर में एआरटीओ ने एक ऐसे ट्रक को पकड़ा है जिसके अंदर 6 फर्जी नंबर प्लेट मिले हैं. रॉयल्टी और चालान से बचने के लिए खनन माफिया जिले के हिसाब से प्लेट बदलते थे.

रोड टैक्स, रॉयल्टी और चालान से बचने के लिए खनन माफिया और ट्रक चालक अब बेहद शातिर तरीके अपना रहे हैं. गाजीपुर में चेकिंग के दौरान एआरटीओ (ARTO) ने एक ऐसे ट्रक को पकड़ा है, जिसके अंदर से यूपी और झारखंड के अलग-अलग जिलों की 6 फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई हैं. ये माफिया जिस जिले में घुसते थे, कैमरों और पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रक पर उसी जिले की नंबर प्लेट लगा देते थे.
शक होने पर रुकवाया ट्रक, GPS से लॉक कर भागा ड्राइवर
शासन के निर्देश पर गाजीपुर में अवैध और बिना नंबर वाले बड़े वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में एआरटीओ धनवीर यादव और खनन अधिकारी रातभर चेकिंग करने के बाद सुबह लौट रहे थे.
महाराजगंज के पास उन्हें एक संदिग्ध ट्रक दिखा. एआरटीओ ने जब ट्रक को रुकवाया, तो शातिर चालक ट्रक रोककर मौके से फरार हो गया. भागते समय चालक ने जीपीएस (GPS) सिस्टम के जरिए ट्रक के दरवाजे लॉक कर दिए. कड़ी मशक्कत के बाद जब अधिकारियों ने गेट खोला, तो अंदर का नजारा देखकर वे भी हैरान रह गए.
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तार से सेट थी नंबर प्लेट
ट्रक के अंदर से कुल 7 नंबर प्लेट बरामद हुईं, जिनमें से 1 असली और 6 फर्जी थीं. जांच में पता चला कि मूल रूप से यह ट्रक सोनभद्र जिले का था, लेकिन इसके केबिन में मिर्जापुर, गाजीपुर (यूपी) सहित हजारीबाग और गढ़वा (झारखंड) की फर्जी नंबर प्लेट रखी हुई थीं.
चालक ने हाईवे कैमरों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से बचने के लिए नंबर प्लेट को तार के जरिए इस तरह फिट किया था कि जरूरत पड़ते ही उसे तुरंत बदला या हटाया जा सके.
एआरटीओ के मुताबिक, खनन माफिया जिस जिले में प्रवेश करते हैं, टोल प्लाजा, पुलिस चेकिंग और कैमरों को भ्रमित करने के लिए उसी जिले का नंबर इस्तेमाल करते हैं. इससे वे लाखों रुपये की रॉयल्टी और टैक्स डकार जाते हैं.
9 वाहन सीज, FIR दर्ज कर नेटवर्क की तलाश शुरू
एआरटीओ धनवीर यादव ने बताया कि बीते 2 दिनों के भीतर चलाए गए इस अभियान में 9 वाहनों को सीज किया गया है और 5-6 का चालान काटा गया है. इस फर्जी नंबर प्लेट वाले ट्रक को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है. अज्ञात वाहन चालक और मालिक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
अब पुलिस ट्रक के चेचिस नंबर का मिलान कर रही है. साथ ही इस बात की भी गहन जांच की जा रही है कि इतने बड़े पैमाने पर फर्जी नंबर प्लेट कहां बन रहे थे और इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के पीछे किन लोगों का हाथ है.
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