थानाभवन सीट पर 2027 में पलटेगा पासा या RLD फिर मारेगी बाजी? जानें यहां समीकरण
2026 में एसआईआर के बाद थाना भवन विधानसभा में लगभग 2,96,680 मतदाता हैं, जबकि 2024 लोकसभा चुनाव के वक्त थाना भवन सीट पर 3,32,834 मतदाता थे. यानि लगभग 36,154 मतदाता कम हुए हैं.

उत्तर प्रदेश स्थित शामली में थाना भवन विधानसभा सीट शामली ज़िले और कैराना लोकसभा का हिस्सा है. थाना भवन की सीट संख्या 9 है. यहां से मौजूदा समय में आरएलडी के अशरफ अली खान विधायक हैं. 2022 में अशरफ अली खान सपा और आरएलडी गठबंधन के तहत चुनाव जीते थे. 2022 में बीजेपी ने अपने कद्दावर नेता सुरेश राणा को टिकट दिया था. बीएसपी ने ज़हीर मलिक को उम्मीदवार बनाया था. वहीं शेर सिंह राणा निर्दलीय चुनाव लड़े थे. कांग्रेस ने सत्या संयम को टिकट दिया था.
थाना भवन के बारे में कहा जाता है कि कोई विधायक यहां पर जीत की हैट्रिक नहीं लगा पाता है. 2012 में इस सीट पर बीजेपी के सुरेश राणा ने जीत दर्ज की थी, उस समय यूपी में सपा की सरकार बनी थी. 2017 में भी बीजेपी के सुरेश राणा चुनाव जीते और यूपी के गन्ना मंत्री बने लेकिन 2022 में सुरेश राणा जीत का हैट्रिक नहीं लगा पाए और चुनाव हार गए.
2026 में एसआईआर के बाद थाना भवन विधानसभा में लगभग 2,96,680 मतदाता हैं, जबकि 2024 लोकसभा चुनाव के वक्त थाना भवन सीट पर 3,32,834 मतदाता थे. यानि लगभग 36,154 मतदाता कम हुए हैं.
2022 में किस पार्टी को मिले कितने वोट
थाना भवन सीट पर विधानसभा चुनाव में आरएलडी-सपा गठबंधन को 1,03,751, बीजेपी को 92,945, बसपा को 11,039, निर्दलीय शेर राणा को 3,975, आसपा को 3,188 और कांग्रेस पार्टी को 793 वोट मिले. इस चुनाव में आरएलडी-सपा गठबंधन के अशरफ ने 10,806 वोटों से बीजेपी के सुरेश राणा को चुनाव हरा दिया. आरएलडी सपा गठबंधन को 47.47 फीसदी वोट मिले और बीजेपी को 42.52 फीसदी वोट हासिल हुए.
2022 में थाना भवन में दिलचस्प बात यह रही है कि जिस विधायक अशरफ अली ने बीजेपी के सुरेश राणा को हराया था, वो अब बीजेपी का सहयोगी बन चुका है. अशरफ अली सपा और आरएलडी गठबंधन के विधायक थे लेकिन चुनाव बाद आरएलडी ने सपा का साथ छोड़कर बीजेपी से चुनावी गठबंधन कर लिया.
2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से जाट और सैनी वोट इस सीट पर खिसक गया था. यही वजह रही है कि सुरेश राणा चुनाव हार गए. 2022 के बाद साल 2024 में थाना भवन के राजनीतिक समीकरण में कितना बदलाव आया, यह जानना भी ज़रूरी है.
लोकसभा चुनाव में किसे मिले कितने वोट
2024 के लोकसभा चुनाव में थाना भवन में सपा को 85,904, बीजेपी को 85,217 और बसपा को 13,558 वोट मिले. इस सीट पर सपा की इकरा हसन मात्र 687 वोटों से आगे रहीं. इस सीट पर बेहद कांटे का मुकाबला देखने को मिला. लेकिन, बीजेपी और आरएलडी गठबंधन होने के बावजूद भी बीजेपी इस सीट को जीत नहीं पाई. जबकि इस सीट के सिटिंग विधायक ही आरएलडी के हैं और बीजेपी के सुरेश राणा भी इसी विधानसभा से आते हैं.
सपा को 2022 के मुकाबले 2024 में 17,847 वोट कम मिला जबकि बीजेपी को 7,728 वोट कम मिला. यानि इस सीट पर बीजेपी को आरएलडी से गठबंधन करके कोई फायदा नहीं मिल पाया. आरएलडी 2022 में थाना भवन सपा के वोट बैंक के सहारे ही जीत पाई.
2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और आरएलडी दोनों के सामने चुनौती होगी कि थाना भवन विधानसभा सीट किस दल के खाते में जाएगी. थाना भवन सीट से सिटिंग विधायक होने के नाते आरएलडी इस सीट पर दांव कर सकती है. वहीं बीजेपी के फायरब्रांड नेता सुरेश राणा की परंपरागत सीट बन चुकी थाना भवन बीजेपी अपने पास रखना चाहेगी. ऐसी स्थिति में देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी या आरएलजी किसके कोटे में जाएगी थाना भवन सीट.
थाना भवन सीट का जातीय समीकरण
थाना भवन विधानसभा में मुस्लिम 90 हज़ार, जाट 45 हज़ार, एससी 36 हज़ार, सैनी 25 हज़ार, कश्यप 25 हज़ार, क्षत्रिय 28 हज़ार, ब्राह्मण 15 हज़ार, वैश्य 11 हज़ार, नाई, बढ़ई 10 हज़ार और प्रजापति 6 हज़ार हैं.
थाना भवन सीट पर भी मुस्लिम समाज के मतदाता सबसे बड़ी संख्या में हैं. उसके बाद जाट, एससी समाज के मतदाताओं की संख्या है. सैनी और कश्यप निर्णायक भूमिका में हैं. क्षत्रिय वोट इस सीट पर अहम रोल अदा करता है. ब्राह्मण और वैश्य मतदाता भी चुनावी रूझान तय करते हैं.
बीजेपी गैर मुस्लिम मतदाताओं पर फोकस करने की रणनीति पर काम कर सकती है तो सपा मुस्लिम और ओबीसी वोट को अपने पाले में लाने की कोशिश कर सकती है. यहाँ बहुत कुछ सिंबल से भी तय होगा. बीजेपी गठबंधन में सिंबल बीजेपी या आरएलडी किसका होगा, यह भी चुनावी दिशा तय करेगा.























