सवा बीघा जमीन के लिए जिंदा बच्चे को बताया मृत! SDM ने दिए जांच के आदेश
Mahoba News In Hindi: महोबा में मां और मामा ने जमीन हथियाने के लिए ससुर और जेठ पर जीवित बेटे का आधार कार्ड बदलकर मृत बेटे के नाम करने का आरोप लगाया है. मामले की निष्पक्ष जांच के लिए टीम गठित कर दी है.

महोबा में सवा बीघा बेशकीमती जमीन के विवाद ने एक अजीब मोड़ ले लिया है. जहां दादा-दादी पर जीवित पोते का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगा रहे हैं. वहीं मां और मामा का आरोप है कि जमीन हथियाने के लिए ससुर और जेठ ने जीवित बेटे का आधार कार्ड बदलकर मृत बेटे के नाम पर कर दिया. दोनों पक्षों की शिकायतों को देखते हुए उप जिलाधिकारी महोबा ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए टीम गठित कर दी है.
यह पारिवारिक विवाद मोहल्ला महतवानापुरा में आईटीआई कॉलेज के पास स्थित सवा बीघा जमीन को लेकर हो रहा है. मामला तब सामने आया जब मृतक हरीश कुमार चौरसिया के पिता कुंवर बहादुर चौरसिया ने एसडीएम से शिकायत की कि उनकी बहू रजनी ने अपने भाइयों के साथ मिलकर अपने 7 साल के जीवित बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया है, ताकि जमीन को बेचा जा सके.
मां रजनी देवी ने अपने भाइयों के साथ आरोप को किया खारिज
इसके जवाब में मां रजनी देवी अपने भाइयों के साथ तहसील पहुंचीं और उन्होंने इस आरोप को खारिज किया. मां रजनी का कहना है कि 7 जनवरी 2026 को जारी हुआ मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी नहीं है, बल्कि यह उनके बड़े बेटे पुष्पराज का है, जिसकी मौत 3 मार्च 2019 को महज 7 माह की उम्र में हो गई थी.
रजनी का आरोप है कि उनके पति की 2020 में मौत से पहले सास-ससुर और जेठ ने उनकी बीमारी का फायदा उठाकर पूरी सवा बीघा जमीन मेरे बेटे पुष्पराज के नाम वसीयत करवा ली थी ताकि जमीन को आसानी से बेच सकें. मां रजनी चौरसिया का आरोप है कि जब वे जमीन बेचने में नाकाम रहे, तो उन्होंने दूसरे जीवित बेटे युवांश के आधार कार्ड में नाम बदलवाकर फर्जी तरीके से पुष्पराज करवा दिया.
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जमीन बेचने के लिए हाल ही में आधार कार्ड में बदला बच्चे का नाम
मामा रवि चौरसिया ने बताया कि बच्चे के स्कूल, बैंक पासबुक, राशन कार्ड और ऑनलाइन रिकॉर्ड में आज भी नाम युवांश ही है. 2020 से 2026 तक आधार कार्ड में युवांश नाम दर्ज था, जिसे हाल ही में बदला गया है ताकि धोखाधड़ी से जमीन बेची जा सके.
वहीं दोनों पक्षों की विरोधाभासी शिकायतों और दस्तावेजों को देखते हुए एसडीएम शिव ध्यान पांडे ने मामले को गंभीरता से लिया है. प्रशासन ने नगर पालिका के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों, आधार कार्ड के बदलावों और खतौनी की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है. एसडीएम का कहना है कि जांच के सही तथ्य अदालत के समक्ष भी रखे जाएंगे ताकि सही पीड़ित को न्याय मिल सके.
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