यमुना में बड़ा हादसा टला: फिरोजाबाद में पांच घटे तक फंसा रहा स्टीमर, 25 लोग सुरक्षित निकाले गए
Firozabad News: वापसी के दौरान स्टीमर यमुना की तेज धारा में बबूल के पेड़ों के बीच फंस गया, जिससे सभी लोग नदी के टापू पर फंस गए. करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बचा लिया.

यूपी के फिरोजाबाद में रविवार को उस समय हड़कम्प मच गया, जब यहां नगला सिंघी थाना क्षेत्र में यमुना नदी के बीच एक स्टीमर बोट खराब हो गयी. उसमें दो दर्जन से अधिक लोग सवार थे. ये सभी स्टीमर में सवार होकर खेतों में धनिया की सब्जी और चारा लेने गए थे.
वापसी के दौरान स्टीमर यमुना की तेज धारा में बबूल के पेड़ों के बीच फंस गया, जिससे सभी लोग नदी के टापू पर फंस गए. करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और गोताखोरों ने सभी को सुरक्षित बचा लिया.
बबूल के पेड़ो में फंसा
बता दें कि घटना रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे रामगढ़ के जय श्री बाबा आश्रम के पास हुई. रसूलाबाद के ग्रामीण नदी पार कर खेतों में काम करने गए थे. वापसी के दौरान स्टीमर में लकड़ी फंसने से इंजन बंद हो गया और यह बबूल के डूबे पेड़ों के पास अटक गया. ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए स्टीमर को पेड़ की शाखाओं से बांध दिया, जिससे वह तेज धारा में बहने से बच गया.
पुलिस ने तेजी से चलाया अभियान
सूचना मिलते ही एसएसपी सौरभ दीक्षित, एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद, सीओ अमरीश कुमार, और तहसीलदार राखी शर्मा के नेतृत्व में नगला सिंघी और टूंडला थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. गोताखोरों की एक टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. स्थानीय ग्रामीण रमेश चंद्र, पवन, प्रेमचंद्र, गौरव, धीरेंद्र, सुनील कुमार और अन्य सात लोग ट्यूब लेकर मौके पर पहुंचे. उनकी मदद से स्टीमर में फंसी लकड़ी को रस्सी के सहारे निकाला गया.
करीब पांच घंटे की मेहनत के बाद शाम 6:30 बजे तक सभी 25 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाल लिया गया. बचाव कार्य में ग्रामीणों की तत्परता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने बड़ा हादसा होने से रोक लिया.
यमुना में सावधानी बरतें
प्रशासन ने इस घटना के बाद लोगों से यमुना नदी के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है. एसएसपी सौरभ दीक्षित ने कहा कि यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है, और तेज धारा के कारण नाव या स्टीमर से नदी पार करना खतरनाक है. लोग ऐसी यात्रा से बचें.
क्षेत्र में राहत, ग्रामीणों ने जताया आभार
सभी ग्रामीणों के सुरक्षित बचाव के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली गई. ग्रामीणों ने पुलिस, गोताखोरों, और स्थानीय लोगों के प्रयासों की सराहना की.






















