Gorakhpur News: देवरिया शिक्षक सुसाइड मामले में BSA शालिनी श्रीवास्तव गिरफ्तार, 4 महीने से थीं फरार
Gorakhpur News In Hindi: बर्खास्त शिक्षक ने देवरिया की तत्कालीन बीएसए और क्लर्क पर घूस लेने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाने के बाद सुसाइड कर लिया था. तब से फरार थीं BSA.

उत्तर प्रदेश के देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को गोरखपुर पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है. गोरखपुर में बर्खास्त शिक्षक कृष्ण मोहन सुसाइड केस में 4 महीने बाद उनकी गिरफ्तारी हुई है. बर्खास्त शिक्षक ने देवरिया की तत्कालीन बीएसए और क्लर्क पर घूस लेने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाने के बाद सुसाइड कर लिया था.
सुसाइड के पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो भी जारी किया था. इसके साथ ही सुसाइड नोट में भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए थे. पुलिस ने दोनों के ऊपर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. इस मामले में फरार क्लर्क की अभी भी पुलिस को तलाश है.
ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लाया गया
गोरखपुर की गुलरिहा पुलिस ने देवरिया की तत्कालीन निलंबित बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) शालिनी श्रीवास्तव को मंगलवार 16 जून को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लाया गया है. 21 फरवरी 2026 को कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग गांव निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में स्थित अपने बड़े भाई के घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी.
22 फरवरी 2026 को मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह पुलिस को चकमा दे रही थीं. शालिनी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था. गोरखपुर के एसएसपी डा. कौस्तुभ ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. जिसे बाद में 25 हजार कर दिया गया था.
निलंबित लिपिक अभी भी फरार
हालांकि इस मामले का दूसरा आरोपित निलंबित लिपिक 25 हजार रुपए का ईनामी संजीव सिंह अभी भी फरार है. 22 फरवरी को मृत शिक्षक कृष्ण मोहन की पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे.
तहरीर में कहा गया था कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के नाम पर कृष्ण मोहन सिंह, ओमकार सिंह और अपर्णा तिवारी से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी. आरोप था कि तीनों शिक्षकों ने गहने गिरवी रखकर और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर कुल 48 लाख रुपए की व्यवस्था की. इसके बाद भी आरोपितों की ओर से लगातार धन की मांग और मानसिक प्रताड़ना जारी रही.
शिक्षक ने बीएसए और लिपिक को बताया था जिम्मेदार
पुलिस जांच में मृतक शिक्षक की जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था. सुसाइड नोट में कृष्ण मोहन सिंह ने अपनी मौत के लिए तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को जिम्मेदार ठहराया था. 20 फरवरी को उन्हें बीएसए कार्यालय बुलाकर अपमानित किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गए थे.
सुसाइड नोट और मौत से पहले सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था और शिक्षा विभाग के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया था. इस मामले में पुलिस ने बीएसए से डील कराने वाले देवरिया जिले के गौरीबाजार स्थित अर्जुनडीहा निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को घटना के 10 दिन बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति 2016 में हुई थी
पुलिस को दी गई तहरीर में मृतक की पत्नी गुड़िया सिंह ने बताया था कि कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति एक जुलाई 2016 को कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, देवरिया में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी. साल 2023 में गलत तरीके से उनकी और दो अन्य लोगों की नियुक्ति निरस्त कर दी गई. इसके खिलाफ कृष्ण मोहन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की. 13 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने निरस्तीकरण के आदेश को निरस्त करते हुए नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया.
गोरखपुर के गोरखनाथ सर्किल के सीओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि 22 फरवरी को गुलरिहा में बर्खास्त शिक्षक स्वर्गीय कृष्ण मोहन के आत्महत्या के दुष्प्रेरण के संबंध में वादिनी श्रीमती गुड़िया सिंह के प्रार्थना पत्र पर अभियोग पंजीकृत हुआ था. इसमें देवरिया की तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव व क्लर्क संजीव सिंह नामजद अभियुक्त हैं. इस प्रकरण में प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह का पूर्व चालान किया जा चुका है.
तत्कालीन देवरिया की बीएसए शालिनी श्रीवास्तव एवं क्लर्क अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंटी जारी कराया गया था. इनके खिलाफ 84 की कार्रवाई होनी थी और 25-25 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित था. 16 जून को तत्कालीन बीएसए शालिनी सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है. अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रचलित है.























