सवाल का जवाब नहीं दे सके, अब लगा रहे हैं आरोप, गोविंद देव गिरि ने एबीपी न्यूज़ के रिपोर्टर पर किया गलत दावा
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी एबीपी न्यूज़ के संवाददाता विशाल पांडेय के सवालों पर झुंझला कर साक्षात्कार के दौरान माइक पर हाथ रखने और उनके समर्थकों ने इंटरव्यू रोकने की कोशिश की थी.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने एबीपी न्यूज़ के रिपोर्टर विशाल पांडेय को लेकर गलत आरोप लगाए हैं. समाचार एजेंसियों को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया है कि एबीपी न्यूज़ के विशाल पांडेय ने असभ्य व्यवहार किया. गिरी ने दावा किया कि और भी पत्रकारों को साक्षात्कार देना था और 5 मिनट का समय तय था.
हालांकि गिरी का यह दावा सरासर गलत है. गिरी के समर्थकों, सुरक्षाकर्मियों और खुद कोषाध्यक्ष एबीपी न्यूज़ के संवाददाता विशाल पांडेय के को साक्षात्कार लेने से रोकते नजर आए.
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#BREAKING | गोविंद देव गिरि का दावा गलत, abp न्यूज के रिपोर्टर विशाल पाण्डेय पर गोविंद देव ने गलत आरोप लगाए
— ABP News (@ABPNews) July 9, 2026
देखिए 'आगे का एजेंडा' रोमाना ईसार खान (@romanaisarkhan) के साथ | @vishalpandeyk | https://t.co/smwhXUROiK#Ayodhya #RamMandir #UPNews #GovindDevGiri #ChadhawaChori… pic.twitter.com/Xib04ofKGp
गिरी, साक्षात्कार के दौरान उस सवाल पर भड़क गए थे कि बतौर कोषाध्यक्ष क्या उनकी चढ़ावा चोरी मामले में कोई जिम्मेदारी नहीं है. क्या वह इस्तीफा देंगे? इन सवालों पर पहले तो गिरी के समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों ने साक्षात्कार को रोकने की कोशिश कि बाद में कोषाध्यक्ष ने भी माइक को हाथ से हटाते दिखे.
एबीपी न्यूज़ के रिपोर्टर द्वारा इस हरकत का विरोध किए जाने के बाद गिरी, उनके समर्थक और सुरक्षाकर्मी पीछे हटे और साक्षात्कार आगे जारी रहा.
गिरी के आरोपों के बाद भी सवाल बरकरार
गिरी के इन मिथ्या आरोपों के बाद भी यह सवाल बने हुए हैं कि आखिर वह अपनी जिम्मेदारी कब समझेंगे? उनका इस्तीफा होगा या नहीं होगा.
दरअसल, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार होने के अगले दिन 7 जुलाई को एबीपी न्यूज़ के संवाददाता विशाल पांडेय ने गोविंद देव गिरी से एक्सक्लूसिव बातचीत की थी. इस दौरान जब उनसे बतौर कोषाध्यक्ष उनकी जिम्मेदारी से जुड़ा प्रश्न किया जाए तो वह असहज हो गए.
गिरी ने पहले तो जवाब नहीं दिया और उनके लोगों ने इंटरव्यू रोकने की कोशिश की बाद में कहा कि मैं इस्तीफा क्यों दूं? मेरी जिम्मेदारी हुंडियों (दानपात्र) की गिनती की नहीं थी. बैंक अकाउंट की जिम्मेदारी थी, वह मैंने निभाई.























