मुख्यमंत्री योगी की नाराजगी के बाद अयोध्या के डीएम हटाए गए, 16 IAS अधिकारियों के तबादले
सरकार ने चंद्र विजय सिंह को अब विशेष सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग में भेजा है. उनकी जगह निखिल टीकाराम फुंडे को अयोध्या का नया जिलाधिकारी बनाया गया है.

UP Politics: उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 16 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. खास बात यह है कि अयोध्या के जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद उनके पद से हटा दिया गया है.
यह कार्रवाई अयोध्या निवासी प्रभुनाथ मिश्रा आत्महत्या प्रकरण में हुई मजिस्ट्रेटी जांच पर उठे सवालों के चलते की गई है. अब इस मामले में पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है और इसकी आंच अयोध्या के एसपी से लेकर जोन स्तर तक के अधिकारियों तक पहुंच सकती है.
सरकार ने चंद्र विजय सिंह को अब विशेष सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग में भेजा है. उनकी जगह निखिल टीकाराम फुंडे को अयोध्या का नया जिलाधिकारी बनाया गया है.
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तबादले की सूची में कई जिलाधिकारी बदले गए
राज्य सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल में कई जिलों के जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी और विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं. चंद्र मोहन गर्ग को डीएम चंदौली बनाया गया है. सीलम साई तेजा अब नगर आयुक्त प्रयागराज होंगे. मृणाली अविनाश जोशी को सीडीओ जौनपुर बनाया गया है. निशा, जो पहले अमेठी की डीएम थीं, अब मिशन निदेशक, राष्ट्रीय आयुष मिशन होंगी. संजय चौहान को डीएम अमेठी बनाया गया है. सीपू गिरी को नगर आयुक्त सहारनपुर की जिम्मेदारी दी गई है.
कई अधिकारी लाए गए नई भूमिका में
महेंद्र वर्मा को सचिव, उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) बनाया गया है. अवनीश कुमार राय को डीएम बदायूं, शुभ्रांत कुमार शुक्ला को डीएम इटावा, और आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को डीएम कन्नौज की जिम्मेदारी दी गई है.
इसके अलावा,निधि श्रीवास्तव को विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, संदीप भगिया को अपर आयुक्त, राज्य कर, नोएडा, कंडारकर कमल किशोर देशभूषण को सीडीओ मुजफ्फरनगर, और राजकुमार प्रथम को विशेष सचिव, ऊर्जा विभाग बनाया गया है.
बड़ा संदेश देना चाहती है सरकार
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ संकेत दिया है कि शासन और प्रशासन में लापरवाही या लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रभुनाथ मिश्रा आत्महत्या मामले में जिस तरह से कार्रवाई की गई, उससे मुख्यमंत्री असंतुष्ट थे. इसी वजह से सबसे पहले डीएम अयोध्या को हटाया गया और अब पुलिस अधिकारियों पर भी जल्द कार्रवाई संभव है.
गौरतलब है कि प्रभुनाथ मिश्रा ने कुछ सप्ताह पहले अयोध्या में आत्महत्या कर ली थी. परिवार ने अधिकारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. मजिस्ट्रेट जांच में कथित लीपापोती की खबरें सामने आई थीं, जिससे मामला और तूल पकड़ गया. इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि योगी सरकार अब प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही के मामले में कोई कोताही नहीं बरतना चाहती.
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Source: IOCL























