कुंभ पर करोड़ों खर्च करने वाली सरकार अंबेडकर जयंती पर कितना खर्च करेगी? चंद्रशेखर आजाद ने उठाया सवाल
Chandrashekhar Azad: नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने धार्मिक आस्था को लेकर सोमवार को सदन में अपनी बात रखी और पूछा कि किया सरकारी पैसे पर सिर्फ एक ही धर्म के लोगों का अधिकार है.

Chandrashekhar Azad: उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए महाकुंभ पर हुए खर्च पर सवाल उठाए और कहा कि क्या सरकारी पैसे पर सिर्फ एक ही धर्म के लोगों का अधिकार हैं. उन्होंने पूछा कि सरकार ने कुंभ पर साढे सात हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं तो वो संत रविदास जयंती और अंबेडकर जयंती पर कितना खर्च करेगी.
नगीना सांसद ने देशभर में कई घटनाओं का जिक्र करते हुए दलितों पर अत्याचार के मुद्दों को सदन के पटल पर रखा. उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को संत गुरु रविदास की जयंती है और 14 अप्रैल को बाबा साहेब अंबेडकर, 11 अप्रैल को राष्ट्रपिता ज्योतिबा फूले की जयंती है. इनको मानने वाले लोग विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम करना चाहते हैं. अभी जिस विचार की सरकार वो लोग कोई भी कार्यक्रम कर सकते हैं लेकिन ये लोग अगर कार्यक्रम करना चाहते हैं तो इन्हें कोई छूट नहीं है. न इजाजत मिलती है.
कल लोक सभा में महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी के अभिभाषण पर अपनी बात रखी। pic.twitter.com/2wyVAH7iER
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) February 4, 2025
बाबा साहेब की जयंती पर कितना खर्च करेगी सरकार?
चंद्रशेखर आजाद ने सवाल किया कि क्या सरकारी पैसे पर एक ही धर्म का अधिकार है? अभी कुंभ में साढ़े सात हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए. आप रविदास जयंती पर कितना खर्च करेंगे? आप बाबा साहेब अंबेडकर जिनकी जय-जयकार होती है उन पर कितना खर्च करेंगे और उनके विचारों को आगे बढ़ाने के लिए क्या सहयोग करेंगे? ये सवाल बहुत बड़ा है.
उन्होंने कहा कि क्या ये सरकार इस देश के दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों को निकालना चाहती है, जिस तरह से उनके अधिकारों का हनन हो रहा है. क्या ये सरकार उन्हें निकालकर कुछ ही लोगों का देश बनाना चाहती है जहां कुछ ही धर्म के लोग रहेंगे. ये देश सबका है. अगर सरकार ऐसा सोचती है तो ये संभव नहीं है. सरकार आदत में सुधार करे नहीं तो इसके परिणाम सड़कों पर देखने को मिलेंगे.
धार्मिक आस्था का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि हम सभी की धार्मिक आस्था का सम्मान करते हैं. बरेली में सार्वजनिक तौर पर हजरत पैगंबर के खिलाफ अपमानित गाने चलाए गए क्या मुस्लिमों की धार्मिक आस्था का सम्मान नहीं होना चाहिए. उनका भी तो आजादी में योगदान है. इन अपराधियों को किसका सरंक्षण है कि खुलेआम इस तरह गाने बजाकर अपमानित किया जा रहा है. संभल में 74 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. वहां के मुस्लिम डरे हुए हैं. सरकार बेगुनाहों की गिरफ्तारी बंद करे.
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Source: IOCL
























