'ये राहुल गांधी के बच्चे नहीं हैं...', दिल्ली छात्रों के प्रदर्शन पर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान
Students Protest At Jantar Mantar: जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा किए जा रहे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन पर बृजभूषण शरण सिंह ने टिप्पणी की है. राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है.

उत्तर प्रदेश के गोंडा से बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा किए जा रहे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन पर टिप्पणी की है. इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के पीएम आवास घेरने पर भी प्रतिक्रिया दी है. बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, "सरकार छात्रों से हर मुद्दे पर बात कर सकती है. वे सिर्फ़ राहुल गांधी के बच्चे नहीं हैं, वे इस देश के बच्चे हैं और सरकार के भी बच्चे हैं."
उन्होंने आगे कहा, "इसलिए, सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए. अगर कोई चूक हुई है, तो अफसोस भी ज़ाहिर किया जाना चाहिए. लेकिन इसमें राहुल गांधी या वामपंथी दलों और दूसरों की कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने छात्रों के आंदोलन को हाईजैक कर लिया है."
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मेरे घर के सामने ही हो रहा था विरोध प्रदर्शन- बृजभूषण शरण सिंह
बृजभूषण शरण सिंह ने आगे कहा, "पूरा विरोध प्रदर्शन मेरे घर के सामने ही हो रहा था. मेरा घर जंतर-मंतर पर है और मैंने इसे सुबह से शाम तक देखा. छात्रों ने नेक नीयत से यह आंदोलन शुरू किया था, लेकिन जैसा कि हर आंदोलन के साथ होता है, इसे वामपंथी और दक्षिणपंथी समूहों ने हाईजैक कर लिया. छात्रों को एक बार फिर गुमराह किया गया है."
पूर्व सांसद ने कहा, "छात्र अपनी वास्तविक समस्याओं और मांगों को लेकर पूरी ईमानदारी और नेक नीयत से आंदोलन में शामिल हुए थे. उनका उद्देश्य केवल अपनी बात सरकार तक पहुंचाना था लेकिन समय के साथ आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं और दलों से जुड़े लोगों का हस्तक्षेप बढ़ गया."
बृजभूषण शरण सिंह ने लगाया ये आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को वामपंथी और दक्षिणपंथी संगठनों सहित विभिन्न राजनीतिक समूहों ने अपने हितों के लिए हाईजैक कर लिया. उनका कहना था कि यह स्थिति अक्सर बड़े आंदोलनों में देखने को मिलती है, जहां मूल मुद्दों की जगह राजनीतिक एजेंडा हावी होने लगता है. इससे आंदोलन अपने वास्तविक उद्देश्य से भटक जाता है और छात्रों की आवाज कमजोर पड़ जाती है.
छात्रों को किसी भी राजनीतिक विचारधारा के प्रभाव में आए बिना अपनी समस्याओं को सीधे सरकार के सामने रखना चाहिए. उनके मुताबिक, छात्रों का आंदोलन राजनीतिक मंच नहीं बनना चाहिए बल्कि उनकी समस्याओं के समाधान का माध्यम होना चाहिए.
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर छात्रों से बातचीत करने के लिए तैयार रह सकती है. उन्होंने दोहराया कि छात्र देश की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनकी बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए.
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