राम मंदिर CEO के लिए अब बचेंगे बस 3 नाम, ट्रस्ट लेगा अंतिम फैसला
Ram Mandir CEO: राम मंदिर परिसर में दो दिन तक सीईओ पद के लिए आवेदकों के इंटरव्यू संपन्न कराए गए हैं. जिसके बाद चयन समिति तीन लोगों का पैनल तैयार करेगी और ट्रस्ट के पास भेजेगी.

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के नियुक्ति की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. 11 और 12 अगस्त को चयन समिति ने शॉर्टलिस्ट किए गए 16 आवेदकों के इंटरव्यू को भी सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है. जिनमें से अब सिर्फ तीन ही नाम रह जाएंगे. चयन समिति तीन नामों के पैनल को ट्रस्ट के पास भेजेगी और फिर अंतिम फैसला ट्रस्ट के द्वारा लिया जाएगा.
राम मंदिर परिसर में दो दिन तक सीईओ पद के लिए आवेदकों के इंटरव्यू संपन्न कराए गए हैं. जिसके बाद श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने औपचारिक प्रेस नोट जारी कर इसकी जानकारी दी है. ट्रस्ट ने बताया है कि सीईओ पद के लिए साक्षात्कार का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है. जिसके बाद अब चयन समिति उनकी योग्यता का मूल्यांकन करेगी और तीन आवेदकों का पैनल तैयार करेगी.
तीन आवेदकों का पैनल होगा तैयार
चयन समिति इंटरव्यू में शॉर्टलिस्ट किए गए तीन आवेदकों के नाम का पैनल बनाएगी, जिसे श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पास भेजा जाएगा. ट्रस्ट इन तीन नामों में से किसी एक के नाम पर मुहर लगाएगा जो राम मंदिर का पहला सीईओ होगा.
सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ की रेस में तीन अधिकारियों के नाम सबसे आगे चल रहे हैं. इनमें पूर्व आईपीएस अफसर राजेश पांडेय, जौनपुर के पूर्व डीएम दिनेश चंद्र और अयोध्या के पूर्व डीएम रहे योगेश्वर राम मिश्रा का नाम बताया जा रहा है.
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राम मंदिर के सीईओ की नियुक्ति
बता दें कि राम मंदिर चंदा चोरी मामला सामने आने के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. जिसमें चंदे की गिनती से लेकर गणना कक्षा की सुरक्षा और निगरानी को लेकर फैसले किए गए हैं. मंदिर में वित्तीय व्यवस्था को और अधिक जवाबदेही लाने के लिए पूर्णकालिक सीईओ की तलाश शुरू की गई है.
राम मंदिर सीईओ पद के लिए 5400 से अधिक आवेदन आए थे, जिनमें से 18 आवेदकों के नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया था. इनके इंटरव्यू के दौरान आवेदकों के खान-पान, रहन-सहन और हिन्दू धर्म से जुड़ी मान्यताओं को लेकर कई अहम सवाल पूछे गए थे.
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