'पीढ़ियों से जलालत झेलते आए' हल्द्वानी में खरगे की जनसभा स्थल के शुद्धिकरण पर सपा का रिएक्शन
Mallikarjun Kharge News: उत्तराखंड स्थित हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जनसभा स्थल के शुद्धिकरण के मामले ने सियासी रंग अख्तियार कर लिया है.

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जनसभा स्थल के शुद्धिकरण के मामले में समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. सपा नेता और उत्तर प्रदेश स्थित आजमगढ़ से सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस मुद्दे पर टिप्पणी की.
यादव ने कहा कि ये केवल खरगे साहब के साथ नहीं हुआ पहले अखिलेश यादव के साथ भी हुआ. हम पीडीए समाज के लोग पीढ़ियों से जलालत झेलते आए हैं.
बता दें हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान हुआ था. इसको लेकर बुधवार को बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया. उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि जिस ‘श्री राम सेना’ संगठन ने यह ‘शुद्धिकरण’ किया, वह भाजपा से जुड़ा है. हालांकि, बीजेपी ने इस आरोप का खंडन किया.
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बीजेपी कांग्रेस में घमासान
गोदियाल ने दावा किया कि यह अनुष्ठान इसलिए किया गया क्योंकि खरगे दलित समुदाय से आते हैं. उन्होंने बीजेपी पर जाति के नाम पर समाज में बंटवारा करने का आरोप लगाया. इस अनुष्ठान को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए गोदियाल ने दावा किया कि इससे ‘कांग्रेस और बीजेपी की विचारधारा में बुनियादी अंतर’ स्पष्ट होता है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दक्षिणपंथी संगठन के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की.
वहीं, बीजेपी ने ‘श्री राम सेना’ से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया और कांग्रेस पर राजनीतिक फायदे के लिए पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री खजान दास ने दावा किया कि रामलीला मैदान में खरगे की रैली के दौरान कुछ ऐसे नारे लगाए गए जिनसे सनातन समुदाय की भावनाएं आहत हुईं. उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान धार्मिक महत्व की जगह है और वहां किसी दूसरे धर्म से जुड़े नारे लगाने से लोग नाराज हुए.
























