बागपत में नदी में समाया ट्रैक्टर, डूबने से बाल-बाल बचा परिवार, ग्रामीणों ने अवैध खनन के लगाए आरोप
Baghpat News: पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि नदी में अवैध तरीके से खनन किया जा रहा है. जिसकी वजह से उसे गहरे गड्ढे हो गए हैं. उन्होंने कहा इस गड्ढे की वजह से उनके परिवार की जान जाते-जाते बची.

उत्तर प्रदेश के बागपत में नदी में अवैध खनन के चलते हुए गहरे गड्ढे में एक बुग्गी और एक ट्रैक्टर समा गया. इस हादसे में एक किसान परिवार की जान जाते-जाते बची, आसपास के लोगों ने किसी तरह उनको नदी से बाहर निकाल लिया. इस परिवार ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़ित परिवार का कहना है ठेकेदार नदीं से अवैध तरीके से खनन कर रहा है जिसकी वजह से इतने ख़तरनाक गड्ढे बन रहे हैं. वहीं प्रशासन भी इस पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है.
खबर के मुताबिक बागपत के बदरखा गांव के रहने वाले गुरफान अपने बेटे जैद, अयान और भाभी अंजुमन के साथ बुग्गी और ट्रैक्टर से नदी पार अपनी तरबूज की फसल देखने जा रहे थे. गुरफान का कहना है कि इस बीत नदी में अचानक लगभग 20 फीट गहरे गड्ढे में उनका ट्रैक्टर और बुग्गी समा गए. जिसके बाद चारों नदी में डुबने लगे, चीख-पुकार की आवाज़ सुनकर आसपास के किसानों ने उन्हें नदी से बाहर निकाला.
हादसे के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों को गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अवैध खननकी वजह से रास्ता क्षतिग्रस्त होने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया और मौके पर खड़ी पोकलेन मशीन को भी घेर लिया. किसान लाठी-डंडे लिए हुए थे. उन्होंने कहा कि वो अपने खेतों में जाने वाले रास्ते को क्षतिग्रस्त नहीं होने देंगे. अवैध खनन की वजह से नदी में ऐसे ख़तरनाक गड्ढे बन गए हैं.
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प्रशासन पर भी लगाए गंभीर आरोप
उधर, हादसे की जांच के लिए खनन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं. बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार की और पीड़ित किसान परिवार से एक कागज पर ये लिखवाया कि नदी में जिस स्थान पर बुग्गी और ट्रैक्टर डूबा है वहां पर अवैध खनन नहीं हुआ था. उन्होंने इस कागज पर उनके हस्ताक्षर भी लिए और चले गए. पीड़ित परिवार ने इस प्रकरण का वीडियो जारी कर आपबीती सुनाई है.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह गड्ढा बालू खनन से हुआ था. ठेकेदार पोकलेन मशीन से रात के समय नदी बालू का खनन करता है. इसी खनन से हुए गहरे कुंड में वे मरते मरते बचे है. पोकलेन जैसी विशालकाय मशीनों से नदी में मौत के कुंड खोदे जा रहे है.
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