राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज, रोजाना के कामकाज में शामिल सभी लोगों से होगी पूछताछ
Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब दैनिक कामकाज में शामिल सभी लोगों से पूछताछ होगी. ट्रस्ट के निर्माण व जमीन खरीद की भी जांच होगी. मामले में अब तक 8 गिरफ्तार हुए हैं.

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच अब और गहराई में जा रही है. उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक मंदिर के दैनिक कामकाज में शामिल सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी.
सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच केवल दान के गबन तक सीमित नहीं रहेगी. ट्रस्ट द्वारा निर्माण कार्य और जमीन खरीद से संबंधित अन्य लेनदेन की भी गहन जांच की जाएगी. लगभग 50 लोग मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए नोटों की गिनती में लगे हुए थे. इनकी भर्ती ट्रस्ट पदाधिकारियों या उनके करीबियों की सिफारिश पर हुई थी.
कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच में
जांचकर्ता इन कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच कर रहे हैं. यह देखा जा रहा है कि क्या किसी ने नकदी गिनती की ड्यूटी संभालने के बाद अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है. कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों और सरकारी अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लाया गया है.
CCTV फुटेज में मिले सबूत
गिरफ्तार आठ आरोपियों में से छह के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज से प्रत्यक्ष सबूत मिले हैं. वीडियो में आरोपियों को दान की नकदी को कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते देखा गया है.
8 गिरफ्तार, 2 ने दिए इस्तीफा
25 जून को ट्रस्ट की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया, टिन्नू यादव मंदिर के दान बक्सों की निगरानी करता था.
विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है, उन्होंने 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे को उठाने की घोषणा की है. बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी का मामला जून के पहले सप्ताह में सामने आया। अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है. जांच एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से ले रही हैं.























