संपत्ति और मुआवजे के लिए पोते ने कराई दादा की हत्या, अमेठी गोलीकांड का पुलिस ने किया खुलासा
Amethi News In Hindi: जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ियावा गांव में घर से खेत जा रहे बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.

अमेठी जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां संपत्ति और मुआवजे की रकम के लालच में एक पोते ने अपने ही बाबा की हत्या की साजिश रच डाली. 75 वर्षीय बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले का अमेठी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो बाल अपचारियों को नियमानुसार निगरानी में लिया गया है.
दरअसल, जगदीशपुर थाना क्षेत्र के लोढ़ियावां गांव में 8 जून सोमवार की सुबह 5:00 बजे सनसनी फैल गई थी, जब गांव के बुजुर्ग हीरालाल दुबे उर्फ बदलू दुबे का शव हाईवे के किनारे मिला. जानकारी के अनुसार, वह रोज की तरह शौच के लिए घर से निकले थे.
इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटनास्थल से 4 जिन्दा कारतूस और 4 खोखा कारतूस बरामद किया गया था. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. मृतक के परिजन वीरेन्द्र कुमार द्विवेदी की तहरीर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया.
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. फील्ड यूनिट की मदद से साक्ष्य जुटाए गए तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की गई. मामले के शीघ्र खुलासे के लिए थाना जगदीशपुर पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम को संयुक्त रूप से लगाया गया. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया.
जांच में सामने आई हैरान करने वाली सच्चाई
पुलिस जांच में पता चला कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतक के अपने ही नाबालिग पोते ने कराई थी. पूछताछ में पता चला कि वर्ष 2016-17 में हाईवे निर्माण के दौरान अधिग्रहित जमीन के बदले हीरालाल दुबे को लगभग 85 लाख रुपये का मुआवजा मिला था. इस रकम का एक हिस्सा खर्च हो चुका था, जबकि कुछ धनराशि एलआईसी में जमा थी और 5 लाख रुपये गांव के एक व्यक्ति को उधार दिए गए थे.
इसी संपत्ति और धनराशि को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था. आरोप है कि मृतक अपने भतीजे वीरेन्द्र दुबे को संपत्ति देने की बात कर रहे थे. यह बात उनके पोते को नागवार गुजर रही थी. उसे डर था कि यदि सारी संपत्ति अपने भतीजे दे देंगे तो उसका भविष्य प्रभावित हो जाएगा.
दोस्तों के साथ मिलकर बनाई हत्या की योजना
पुलिस के अनुसार, इसी नाराजगी के चलते नाबालिग पोते ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. योजना के तहत आरोपी सुशील कुमार यादव उर्फ विनय यादव तथा एक अन्य बाल अपचारी को साथ लिया गया. आरोपियों ने पहले पिस्टल और कारतूस की व्यवस्था की. इसके बाद 8 जून की सुबह मृतक की गतिविधियों पर नजर रखी गई. जब हीरालाल दुबे घर से बाहर निकले, आरोपियों ने उनकी रेकी करते हुए सुनसान स्थान पर गोली मारकर हत्या कर दी.
एक आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने सुशील कुमार यादव उर्फ विनय यादव को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं दो बाल अपचारियों को नियमानुसार निगरानी में लिया गया है. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस तथा घटनास्थल से चार जिंदा कारतूस और चार खोखे बरामद किए हैं. बरामद हथियार को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है.
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की हो रही सराहना
अमेठी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर हत्या जैसी गंभीर वारदात का खुलासा कर आरोपियों को कानून के शिकंजे में ला दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और सभी तथ्यों की गहन जांच जारी है.
फिलहाल, इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के द्वारा पुलिस कार्यालय गौरीगंज में किया गया. संपत्ति विवाद में रिश्तों के कत्ल की यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. एक पोते द्वारा अपने ही बाबा की हत्या की साजिश रचे जाने की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है.
























