यूपी में अवैध कारतूसों की खरीद-फरोख्त का खुलासा, पुलिस ने गन हाउस मालिक समेत 5 आरोपी किए अरेस्ट
UP News: अंबेडकरनगर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस से अवैध कारतूसों की खरीद-फरोख्त का खुलासा पुलिस ने किया है. इस मामले में गन हाउस मालिक सहित 5 लोगो को गिरफ्तार किया गया है.

अंबेडकरनगर में अवैध रूप से कारतूसों की खरीद फरोख्त का खुलासा हुआ है, जिसमे एक गन हाउस वाला भी शामिल था. पुलिस ने इस मामले में गन हाउस मालिक सहित 5 लोगो को गिरफ्तार किया है. पूरे मामले का खुलासा पिस्टल के साथ गिरफ्तार एक युवक से पूछताक्ष के बाद हुआ है. बताया गया कि कारतूस खरीदने के लिए फर्जी शस्त्र लाइसेंस का प्रयोग किया जा रहा था, जो आजमगढ़ जनपद से जारी हुआ दिखाया गया था. पुलिस जांच में सामने आया है कि अब 5 हजार कारतूस अवैध तरीके से बेची गई हैं.
जानकारी के मुताबिक, हंसवर थाना क्षेत्र में एक युवक को पुलिस ने अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया. पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि, आजमगढ़ जनपद के ज्ञानचन्द्र द्वारा उसे कारतूस बेचा जाता था. इस पर पुलिस पकड़े गए युवक अनुराग यादव के मोबाइल से उसकी बात कराई और कारतूस देने के लिए हंसवर बुलाया गया. ज्ञानचन्द्र जब कारतूस देने हंसवर आया तो पुलिस ने उसे दबोच लिया. उसके पास से 5 कारतूस और दो शस्त्र लाइसेंस बरामद हुए, जो फर्जी थे.
फर्जी शस्त्र लाइसेंस से खरीदा अवैध कारतूस
पुलिस ने आरोपी के पास से बरामत शस्त्र लाइसेंस का सत्यायपन कराया तो आजमगढ़ में उक्त पते पर व्यक्ति मौजूद मिले. पुलिस पूछताच में उन्होंने बताया कि, उनके द्वारा लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया था लेकिन लाइसेंस मिला नही था. इन्ही दोनो फर्जी शस्त्र लाइसेंसों पर अवैध गन हाउस अकबरपुर से भारी मात्रा में कारतूस खरीदे गये थे.
पिछले पांच साल से चल रहा है गोरखधंधा
पुलिस ने जब इस गन हाउस की गहनता से जांच की तो पाया कि कारतूस बेचने में मानकों का पालन नही किया गया. फर्जी लाइसेंसों पर इसी वर्ष लगभग आठ सौ से अधिक कारतूस बेचा गया है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गोरखधंधा पिछले पांच वर्षो से चल रहा है. साल 2021 से लगभग 5 हजार कारतूस अवैध रूप से बेची गई हैं. एसपी केशव कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि जांच अभी चल रही है और लोग भी सामने आएंगे.
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Source: IOCL





















