8 मई से नहीं खुलेगा इलाहाबाद हाईकोर्ट, वकीलों के एतराज के बाद वापस लिया गया फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट को शुक्रवार से खोले जाने का फैसला वापस ले लिया गया है। हाईकोर्ट को अब अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला वकीलों के एतराज के बाद लिया गया है।

प्रयागराज, मोहम्मद मोईन। लॉकडाउन की बंदिशों के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट को शुक्रवार से खोले जाने का फैसला वापस ले लिया गया है। चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर के आदेश के मुताबिक हाईकोर्ट अब कल से नहीं खुलेगा। इतना ही नहीं हाईकोर्ट को बंद रखे जाने के फैसले के बाद अब यूपी की जिला अदालतों में भी कल से कामकाज शुरू होने की उम्मीद नहीं है।
हाईकोर्ट को अब अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला वकीलों के एतराज के बाद लिया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की बार एसोसिएशन ने कोर्ट खोले जाने पर भीड़ जुटने और संक्रमण फैलने की आशंका जताई थी और चीफ जस्टिस से लॉकडाउन रहने तक कोर्ट नहीं खोलने की अपील की थी। वकीलों का प्रतिनिधिमंडल आज इस मांग को लेकर चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर से भी मिला था।
गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 4 मई को यह तय किया था कि 8 मई से इलाहाबाद हाईकोर्ट और उसकी लखनऊ बेंच में कामकाज शुरू होगा। अगले दिन 8 मई से ही ग्रीन व ऑरेंज जोन वाली जिला अदालतों को भी खोले जाने का फैसला हुआ था। हालांकि, 6 मई को हाईकोर्ट ने अपने फैसले में बदलाव करते हुए लखनऊ बेंच को बंद रखने की बात कही थी।

लखनऊ के रेड जोन में होने की वजह से वहां के फैसले में बदलाव किया गया था। 6 मई को ही हाईकोर्ट ने 8 मई से शुरू होने वाले कामकाज को लेकर गाइडलाइन भी तय कर दी थी। गाइडलाइन के तहत वकील कोट और गाउन के बिना ही सिर्फ पैंट और शर्ट में ही बहस कर सकते थे। हालांकि, आज हाईकोर्ट को कल से खोले जाने का फैसला वापस ले लिया गया।
हाईकोर्ट अब 17 मई को लॉकडाउन जारी रहने तक बंद रहेगा। हाईकोर्ट को खोले जाने का फैसला 17 मई के बाद लिया जाएगा। हाईकोर्ट ने ग्रीन और ऑरेंज जोन वाली जिला अदालतों को खोले जाने का निर्णय डिस्ट्रिक्ट जजेज पर छोड़ दिया था। हालांकि हाईकोर्ट बंद होने के बाद अब जिला अदालतों का खुलना भी काफी मुश्किल है।
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Source: IOCL


























