‘अपने दरवाजे पर हो रहे धमाके, देश की क्या करेंगे सुरक्षा’, BJP ऑफिस ब्लास्ट पर ममता ने शाह को घेरा
Chandigarh BJP Office Blast: गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए टीएमसी ने कहा कि जब बंगाल में कहीं कोई मामूली सुतली बम फटता है तो आप तुरंत NIA भेज देते हैं.

चंडीगढ़ में बुधवार (1 अप्रैल 2026) को सेक्टर 37 में बीजेपी कार्यालय के बाहर जोरदार धमाका हुआ. चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कनवरदीप कौर के अनुसार धमाके में क्रूड मटेरियल शामिल होने का शक है. इस पर तृणमूल कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि जो अपना घर-आंगन सुरक्षित नहीं रख पा रहे वे बंगाल की सुरक्षा पर लेक्चर देते हैं. टीएमसी ने कहा, 'यही बीजेपी के कानून-व्यवस्था की जमीनी हकीकत है. यहां तक कि उनका अपना पार्टी दफ्तर भी सुरक्षित नहीं है. उनके दरवाजे पर बम फट रहे हैं और वे खुद को भी नहीं बचा पा रहे हैं.'
टीएमसी का अमित शाह पर निशाना
अमित शाह पर निशाना साधते हुए टीएमसी ने कहा, 'जब बंगाल में कहीं कोई मामूली सुतली बम फटता है तो आप तुरंत NIA भेज देते हैं और 24×7 कानून-व्यवस्था के बिगड़ने का शोर मचाते हैं. लेकिन जब आपके अपने BJP दफ्तर के ठीक बाहर एक जोरदार धमाका होता है तो आप अचानक चुप क्यों हो जाते हैं? गृह मंत्री अमित शाह अब आपकी एनआईए कहां है? यह आपके पाखंड और दोहरे मापदंडों को पूरी तरह से बेनकाब करता है. आपकी डबल इंजन की सरकार अपने ही घर-आंगन को सुरक्षित नहीं रख पा रहा, फिर भी आप बंगाल को सुरक्षा पर लेक्चर देते हैं?'
बीजेपी दफ्तर के बाहर हुए धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों में डर फैल गया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कनवरदीप कौर ने मीडिया को बताया कि लगभग 5 बजे पुलिस को बीजेपी कार्यालय के बाहर जोरदार धमाके जैसी आवाज की जानकारी मिली.
मौके पर पहुंची एनआईए की टीम
एसएसपी कौर ने कहा, 'मेरी टीम और मैं तुरंत मौके पर पहुंचे. प्रारंभिक तौर पर लगता है कि यहां कुछ कच्चा पदार्थ फेंका गया हो सकता है. एनआईए और एफएसएल की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई हैं. सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी, साथ ही वरिष्ठ अधिकारी, तुरंत मौके पर पहुंचे. घटना स्थल को तुरंत घेर लिया गया और धमाके के कारण और स्वरूप का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई. आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि घटना से पहले या बाद में किसी संदिग्ध गतिविधि की पहचान की जा सके.'
Source: IOCL


























