UP में रद्द नहीं होगी पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती की प्रक्रिया, HC ने खारिज किया एकल पीठ का फैसला
UP news: उत्तर प्रदेश पुलिस में रेडियो ऑपरेटर पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को रद्द नहीं किया जाएगा. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के फैसला को पलट दिया है.

UP Police Radio Operator Recruitment: उत्तर प्रदेश पुलिस में रेडियो ऑपरेटर पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को रद्द नहीं किया जाएगा. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के फैसला को पलट दिया है. कोर्ट ने कहा कि यूपी पुलिस रेडियो अधीनस्थ सेवा नियमावली 2015 नियमों के तहत केवल डिप्लोमाधारी इंजीनियर ही हेड ऑपरेटर या हेड ऑपरेटर मैकेनिक के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन करने के हकदार है. ऐसे में इन पदों पर डिग्रीधारी इंजीनियरों का आवेदन करना विधि के मुताबिक नहीं है.
जस्टिस एआई मसूदी और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने ये टिप्पणी करते हुए दो जजों की एकल पीठ के उस आदेश का ख़ारिज कर दिया जिसमें पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द किए जाने का आदेश दिया गया था और पूरी भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करने के निर्देश दिए गए थे. इससे पहले कोर्ट ने 6 जनवरी 2022 को रेडियो ऑपरेटर के 936 पदों पर भर्ती के लिए जारी नियमों में भर्ती बोर्ड द्वारा बदलाव करके डिग्री धारक इंजीनियरों को भी इसके लिए आवेदन का अधिकार माना था जिसके बाद इस भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के आदेश दिए गए थे.
हाईकोर्ट ने एकल पीठ के आदेश को किया रद्द
याचिकाकर्ता प्रशांत मिश्रा व एक अन्य ने एकल पीठ के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. सुनवाई के बाद पीठ ने इस अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. जिसके बाद 14 फरवरी को जारी किया. दो जजों की पीठ ने पाया कि भर्ती बोर्ड को नियमों में बदलाव का हक नहीं थी इसलिए उस आदेश का कोई महत्व नहीं था. कोर्ट ने एकल पीठ के फैसेलिटी के उस हिस्से को सही करार दिया, जिसमें ये कहा गया कि डिग्री धारी इंजीनियरों को आवेदन का हक नही थी.
बता दें कि डिग्रीधारी याचियों ने भर्ती बोर्ड के 23 अप्रैल 2024 के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें हेड ऑपरेटर या हेड ऑपरेटर मैकेनिक के पदों पर भर्ती के लिए विभाग ने छह जनवरी 2022 को विज्ञापन निकाला था, जिसमें डिप्लोमाधारी इंजीनियर या उनके समकक्ष इंजीनियरों को आवेदन करने का अधिकार दे दिया था. इससे पहले बोर्ड ने अगस्त 2021 को एक आदेश जारी कर डिग्री धारी इंजीनियरों की योग्यता को डिप्लोमाधारियों के साथ समकक्ष बताया जिसकी वजह से बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग डिग्री वालों ने भी आवेदन किए थे. बाद में बोर्ड ने डिप्लोमाधारी को बड़ा बताया. 23 अप्रैल 2024 को बोर्ड ने एक आदेश जारी कर कहा कि इंजीनियर डिग्री वाले आवेदन के हकदार नहीं है.























