Aligarh News: अब घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर पुलिस नहीं करेगी 'परेशान', बल्कि मिलेगा नकद इनाम, पढ़ें खबर
Aligarh News In Hindi: सड़क हादसे में होने वाली मृत्यु दरों में कमी लाने के लिए अलीगढ़ पुलिस ने 'राहगीर योजना' लागू की है. घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को अब पुलिस इनाम देकर प्रोत्साहित करेगी.

सड़क हादसे में घायलों को सही समय पर मदद मिल सके, इसे लेकर अलीगढ़ पुलिस की तरफ से अनोखी की पहल की गई है. आम जनता को सीधे तौर पर पुलिस का मित्र समझने वाले अलीगढ़ एसएसपी नीरज कुमार जादौन एक बार फिर चर्चा में हैं. सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से चलाई जा रही “राहगीर योजना” को लेकर उन्होंने एक बड़ा अभियान शुरू किया है.
अलीगढ़ एसएसपी नीरज जादौन ने इस अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए जन जागरूकता अभियान शुरू किया है. उन्होने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल पहुंचा कर उनकी जान बचाने में मदद करेगा, उसे न केवल सरकार की तरफ से योजना के तहत मिलने वाला 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा, बल्कि अलीगढ़ पुलिस की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सार्वजनिक रूप से सम्मानित भी किया जाएगा.
क्या कहते हैं SSP नीरज कुमार जादौन?
एसएसपी अलीगढ़ नीरज कुमार जादौन ने कहा, सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर अस्पताल पहुंचाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए राहगीर योजना लागू की गई है. उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि दुर्घटना के बाद लोग कानूनी झंझट या पुलिसिया पूछताछ के डर से घायल को अस्पताल पहुंचाने में हिचकिचाते हैं.
कानूनी परेशानियों का नहीं करना पडे़गा सामना
उन्होंने कहा कि, इसी मानसिकता को बदलने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि घायल की मदद करने वाले व्यक्ति को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उसे सम्मानित किया जाएगा. सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान केवल इसलिए चली जाती है क्योंकि समय रहते उन्हें उपचार नहीं मिल पाता.
मदद करने वाले नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र
उन्होंने कहा कि यदि कोई राहगीर या स्थानीय व्यक्ति मानवता दिखाते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाता है और उसके इलाज की प्रक्रिया शुरू करवाता है, तो वह व्यक्ति समाज के लिए प्रेरणा है. ऐसे लोगों को चिन्हित कर 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा और पुलिस विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक प्रोत्साहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य समाज में संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करना है.
मदद करने वाले को नहीं किया जाएगा परेशान
एसएसपी ने कहा कि अक्सर लोग यह सोचकर पीछे हट जाते हैं कि कहीं उन्हें गवाह न बना लिया जाए या बार-बार थाने-कचहरी के चक्कर न लगाने पड़े. लेकिन, अब नियम स्पष्ट हैं—मदद करने वाले व्यक्ति से केवल आवश्यक जानकारी ली जाएगी और उसे अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा. पुलिस विभाग स्वयं ऐसे लोगों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करेगा.
गौरतलब है कि अलीगढ़ जिले में हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में इजाफा देखने को मिला है. राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ-साथ शहर की व्यस्त सड़कों पर भी आए दिन हादसे होते रहते हैं.
क्या है गोल्डन ऑवर?
विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे को ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, जिसमें यदि घायल को सही चिकित्सा मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. इसी ‘गोल्डन ऑवर’ की अहमियत को ध्यान में रखते हुए यह योजना लागू की गई है.
वहीं एसएसपी अलीगढ़ के द्वारा आम जनता से अपील की है इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोग ले सकते हैं जिससे आम दुर्घटनाओं पर भी लगाम लगेगी और लोगों की जिंदगी बचाने के लिए समाज के लिए यह बड़ा कदम होगा. अब देखना होगा कि पुलिस की इस अनोखी पहल से समाज में क्या बदलाव आता है और कितने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए घायलों की मदद करते है.
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