अलीगढ़ में नगर निगम की कार्रवाई पर बवाल, फुटपाथ व्यापारियों से धक्का-मुक्की, कई घायल
Aligarh News: कई व्यापारियों का आरोप है कि उनके फलों की पेटियां और अन्य सामान उठाकर नाली में फेंक दिया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ. इस दौरान काफी हंगामा हुआ.

उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ शहर में अवैध अतिक्रमण हटाने के नाम पर नगर निगम की कार्रवाई एक बार फिर विवादों में घिर गई है. थाना सिविल लाइन क्षेत्र के तसवीर महल इलाके में नगर निगम के सचल दस्ते द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान फुटपाथ पर ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले व्यापारियों के साथ नगर निगम के सचल दल के लोगो के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है.
आरोप है कि निगम कर्मियों सचल दल के लोगो के द्वारा पहले धकेल वालो को पटरी से ऊपर लगाने का आश्वासन दिया था फिर उनकी धकेल को नाली में फेंक दिया गया. विरोध करने पर ठेला चालकों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए उनके सिर फोड़ दिए. घटना के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त है.
व्यापारियों के फल और सामान फेंका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नगर निगम का सचल दस्ता सुबह के समय तसवीर महल क्षेत्र में पहुंचा. टीम ने फुटपाथ पर लगे ठेलों और अस्थायी दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी. इस दौरान कुछ व्यापारियों ने अधिकारियों से मोहलत देने की गुहार लगाई और वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की. आरोप है कि इसी बीच कहासुनी बढ़ गई और निगम कर्मचारियों ने सख्ती दिखाते हुए ठेलों को पलटना शुरू कर दिया. कई व्यापारियों का आरोप है कि उनके फलों की पेटियां और अन्य सामान उठाकर नाली में फेंक दिया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ.
बिना सूचना अतिक्रमण हटाने के आरोप
घटना में घायल हुए एक ठेला चालक ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से वहीं पर फल बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है. उसके अनुसार, बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक कार्रवाई की गई. जब उसने अपने सामान को संभालने की कोशिश की तो उसे धक्का दिया गया, जिससे उसका सिर फट गया. अन्य व्यापारियों ने भी इसी तरह की शिकायतें की हैं. कुछ ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान महिला ग्राहकों और बच्चों के सामने अभद्र व्यवहार किया गया.
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया और नारेबाजी की. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा. थाना सिविल लाइन पुलिस ने किसी तरह भीड़ को शांत कराया, हालांकि तनाव की स्थिति कुछ समय तक बनी रही. मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है.
सपा नेताओं ने लगाए आरोप
समाजवादी पार्टी के नेता अज्जू इशहाक ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि नगर निगम गरीब फुटपाथ व्यापारियों को निशाना बना रहा है, जबकि बड़े अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती. उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम को अतिक्रमण हटाना ही है तो पहले व्यवस्थित रूप से वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए और पुनर्वास की व्यवस्था करे. अज्जू इशहाक ने चेतावनी दी कि यदि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो सपा आंदोलन करेगी.
कांग्रेस ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया
कांग्रेस नेता राजा भैया ने भी घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारियों की मानसिकता पक्षपातपूर्ण है और कार्रवाई में भेदभाव बरता जा रहा है. राजा भैया ने कहा कि शहर में कई स्थानों पर स्थायी अतिक्रमण मौजूद हैं, लेकिन वहां कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निगम की कार्रवाई में हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव की झलक दिखाई देती है, जो बेहद चिंताजनक है.
नगर निगम का दावा नियमों के हिसाब से कार्रवाई
नगर निगम अधिकारी ने बताया कि तसवीर महल क्षेत्र में फुटपाथ और सड़क तक पर कब्जा कर लिया गया था, जिससे राहगीरों और वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही थी. उन्होंने मारपीट के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई नियमानुसार की गई और यदि किसी कर्मचारी ने अभद्र व्यवहार किया है, तो उसकी जांच कराई जाएगी. नगर निगम का दावा है कि अतिक्रमण हटाने से पहले कई बार चेतावनी दी गई थी. अधिकारियों का कहना है कि अभियान शहरभर में चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य केवल सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराना है. उन्होंने यह भी कहा कि फुटपाथ पर व्यापार करना नियमों के विरुद्ध है और इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है.
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Source: IOCL


























