एक्सप्लोरर

Rajasthan News: स्कूली बच्चों के नाम बदलने की लिस्ट पर विवाद, मुस्लिम लड़कियों के नाम के आगे 'सिंह'

Rajasthan News: बच्चों के नाम बदलने को लेकर जारी सरकारी लिस्ट पर विवाद खड़ा हो गया है. अटपटे नामों और बिना किसी मानदंड के बनाए गए सुझावों पर अभिभावकों, शिक्षकों और विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है.

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर एक बार फिर अपने फैसले को लेकर विवादों में घिर गए हैं. सरकारी स्कूलों में एडमिशन लेने वाले बच्चों के अजीब या पसंद न आने वाले नाम बदलने की एडवाइजरी जारी करने के बाद अब शिक्षा विभाग की ओर से करीब 3 हजार नए नामों की लिस्ट सामने आई है. लेकिन यह लिस्ट आते ही विवाद और तेज हो गया है. उनके इस फैसले की जमकर आलोचना हुई. 

अटपटे नामों की लिस्ट ने खड़ा किया बड़ा सवाल

शिक्षा विभाग द्वारा जारी लिस्ट में कई ऐसे नाम शामिल हैं जिन्हें सुनकर लोग हैरान रह गए. लड़कों के लिए रामप्यारी, गोदावरी, गंगोत्री, जालिम सिंह, शेर, अहंकार, उग्र सिंह, जयचंद, नत्थू, घसीटाराम, नाहर, शैतान, मक्खी, बीकानेर, दही भाई, बेचारा दास, भयंकर, अहित, भिक्षा, मक्खन, अवकाश, फकीर राम, बास करन रखने के सुझाव दिए गए हैं. लड़कियों के नाम अर्धांगिनी, कलयुगी, कैकेई, रक्षाबंधन, अहिंसा, मनोरंजनी, कल्लोलिनी, साजन, सजनी, जामुनी सुझाए गए हैं. वहीं लड़कियों के नाम अर्धांगिनी, कलयुगी, कैकेई, रक्षाबंधन, अहिंसा, मनोरंजनी, कल्लोलिनी, साजन, सजनी, जामुनी सुझाए गए हैं.

सबसे हैरानी की बात यह है कि लड़कों की सूची में लड़कियों के कई नाम दिए गए हैं, जबकि लड़कियों की सूची में लड़कों वाले नाम हैं. करीब एक चौथाई नामों में मात्रा या व्याकरण की गलती है. तमाम नाम के गलत मतलब बताए गए हैं. यानी नाम बदलने के फरमान को लेकर जो विवाद शुरू हुआ था, सूची आने के बाद उस पर हाय तौबा मच गई है.

लिस्ट में दूसरे धर्मों के एकाध नामों को छोड़कर तकरीबन सभी बहुसंख्यक वर्ग के हैं. मुस्लिम लड़कियों को रखे जाने वाले एक नाम के आगे सिंह लिखा गया है. लिस्ट को लेकर हर तरफ कोहराम मचा हुआ है.

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि बच्चों का नाम बदलने का अधिकार आखिर किसके पास है. अभिभावकों का कहना है कि बच्चे का नाम रखना परिवार का निजी फैसला होता है. ऐसे में सरकार या शिक्षा विभाग कैसे तय कर सकता है कि कौन सा नाम सही है और कौन सा गलत.

कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल मान रहे हैं. उनका कहना है कि अगर नाम अजीब भी है, तब भी उसे बदलने का फैसला परिवार का होना चाहिए, न कि किसी सरकारी आदेश का.

जब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से इस लिस्ट के चयन के मानदंड के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला था. उन्होंने साफ कहा कि इसमें कोई खास क्राइटेरिया नहीं है.

यही बयान अब विवाद को और बढ़ा रहा है. विपक्ष और विशेषज्ञ कह रहे हैं कि बिना किसी ठोस आधार के ऐसी लिस्ट तैयार करना गैर-जिम्मेदाराना है.

शिक्षा व्यवस्था की हालत पर भी उठे सवाल

इस पूरे विवाद के बीच लोग राज्य की शिक्षा व्यवस्था की हालत पर भी सवाल उठा रहे हैं. पिछले कुछ सालों में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या एक करोड़ से घटकर करीब 70 लाख रह गई है. कई स्कूल बंद हो चुके हैं और शिक्षकों के करीब डेढ़ लाख पद खाली पड़े हैं.

सरकार खुद मान चुकी है कि लगभग 83 हजार क्लासरूम जर्जर हालत में हैं, जहां बच्चों को बैठाना भी सुरक्षित नहीं है. ऐसे में लोगों का कहना है कि नाम बदलने जैसे मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय सरकार को स्कूलों की हालत सुधारने, शिक्षकों की भर्ती और पढ़ाई के स्तर को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए.

सरकारी स्कूलों की खराब हालत सुधारने के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये की जरूरत बताई गई है. लेकिन हाल ही में पेश बजट में सिर्फ 1 हजार करोड़ रुपये ही आवंटित किए गए हैं. इस अंतर को लेकर भी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जब बुनियादी ढांचा ही कमजोर है, तब नाम बदलने जैसे फैसले कहीं से भी प्राथमिकता नहीं होने चाहिए.

विपक्ष ने जताया विरोध

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने शिक्षा मंत्री की सोच पर सवाल उठाते हुए इसे गैर-जरूरी और भटकाने वाला कदम बताया. अभिभावक संघ और शिक्षक संगठनों ने भी इस लिस्ट का विरोध किया है. उनका कहना है कि इससे न सिर्फ अभिभावकों में नाराजगी है बल्कि शिक्षकों की छवि पर भी असर पड़ेगा.

अभिभावक संघ के प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू का कहना है कि न तो नाम बदलने की एडवाइजरी सही है और न ही लिस्ट में दिए गए नाम उचित है. इसे कतई मंजूर नहीं किया जा सकता.

राजस्थान शिक्षक संघ के संरक्षक सियाराम शर्मा ने भी इसे लेकर गहरी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि इससे शिक्षकों की छवि धूमिल होगी. मंत्री को अपने काम पर फोकस करना चाहिए.

शिक्षा विशेषज्ञों और वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि यह पूरा मामला असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश हो सकता है. उनका कहना है कि जब शिक्षा व्यवस्था कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है, तब ऐसे फैसले लोगों का ध्यान भटकाने का काम करते हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले भी शिक्षा मंत्री के कुछ फैसलों में हस्तक्षेप कर चुके हैं.

पहले भी विवादों में रहे हैं मंत्री

यह पहली बार नहीं है जब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने फैसलों को लेकर विवादों में आए हैं. इससे पहले भी वे कई मुद्दों पर चर्चा में रहे हैं.  कभी बाबरी विध्वंस की बरसी को स्कूलों में शौर्य दिवस के रूप में मनाने की घोषणा, कभी परीक्षाओं के दौरान कार्यक्रम आयोजित कराने का आदेश, तो कभी पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर बयान. इन फैसलों को लेकर भी काफी बहस और आलोचना हो चुकी है.

इस पूरे मामले में अभिभावकों से लेकर शिक्षकों तक एक बात साफ नजर आ रही है, लोग इस फैसले से सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि बच्चों के नाम बदलने से ज्यादा जरूरी है उनकी पढ़ाई, सुरक्षा और बेहतर भविष्य.

मोहम्मद मोईन को पत्रकारिता का करीब तीन दशक का अनुभव है. वह प्रिंट - इलेक्ट्रानिक और डिजिटल तीनों ही माध्यमों में सालों तक काम कर चुके हैं. ABP नेटवर्क से वह पिछले करीब 18 सालों, स्टार न्यूज़ के समय से ही जुड़े हुए हैं. राजनीति - धर्म और लीगल टापिक के साथ सम सामयिक विषयों के एक्सपर्ट हैं. पत्रकार होने के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक, एक्सपर्ट पैनलिस्ट, आलोचक और टिप्पणीकार भी हैं. इनकी चुनावी भविष्यवाणी ज्यादातर मौकों पर सटीक साबित हुई है. 8 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कवर कर चुके हैं. 7 कुंभ और महाकुंभ की कवरेज कर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह अपनी बेबाक- निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. मोहम्मद मोईन ने चार विषयों पत्रकारिता एवं जनसंचार, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विषयों में मास्टर डिग्री यानी स्नातकोत्तर किया हुआ है. लॉ ग्रेजुएट भी हैं. देश के कई राज्यों में काम करने का अनुभव रखते हैं. देश की तमाम नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं और कई चर्चित घटनाओं को कवर चुके हैं. 

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Jhalawar News: राजस्थान के झालावाड़ में MD और चित्तौड़गढ़ में 101 किलो डोडाचूरा जब्त, तस्कर गिरफ्तार
राजस्थान के झालावाड़ में MD और चित्तौड़गढ़ में 101 किलो डोडाचूरा जब्त, तस्कर गिरफ्तार
Jodhpur News: मंडोर गार्डन में टॉय ट्रेन के नीचे आई 5 साल की अमायरा, दर्दनाक मौत के बाद उठे सवाल
जोधपुर के मंडोर गार्डन में टॉय ट्रेन के नीचे आई 5 साल की अमायरा, दर्दनाक मौत के बाद उठे सवाल
Rajasthan Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार का चयन बना चुनौती! कांग्रेस- BJP से इन नामों की चर्चा तेज
राजस्थान: राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार का चयन बना चुनौती! कांग्रेस- BJP से इन नामों की चर्चा तेज
Rajasthan News: बारां में NH-27 पर दर्दनाक हादसा, कोटा से कानपुर जा रही स्लीपर बस पलटी, 2 की मौत, 12 घायल
बारां में NH-27 पर दर्दनाक हादसा, कोटा से कानपुर जा रही स्लीपर बस पलटी, 2 की मौत, 12 घायल
Advertisement

वीडियोज

DR. Aarambhi: Aarambhi की सास का घटिया ड्रामा! रोके से किया दूर, अब Dhruv सिखाएगा सबक!
बॉलीवुड न्यूज़: 😯'कॉकटेल 2' का ट्रेलर आउट, दिखेगा प्यार, दोस्ती और हार्टब्रेक का तड़का!
Mumbai में ताबड़तोड़ Bulldozer Action, दरगाह बना निशाना | Goregaon Bulldozer Action | Mumbai Police
Signature Case: Bengal चुनाव हार के बाद बिखर रही है TMC? | Abhisekh Banerjee | Breaking | Mamata
Signature Case: Mamata Banerjee के लिए 13 विधायक बने मुसिबत? | TMC | Abhisekh Banerjee | Breaking
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
होर्मुज पर बड़ी खबर, ईरान के सरकारी टीवी का ऐलान, अब चौबीसो घंटे खुला रहेगा ट्रैफिक
होर्मुज पर बड़ी खबर, ईरान के सरकारी टीवी का ऐलान, अब चौबीसो घंटे खुला रहेगा ट्रैफिक
पंजाब चुनाव में कांग्रेस अपने दम पर लड़ेगी या नहीं? राज्य के प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ की तस्वीर
पंजाब चुनाव में कांग्रेस अपने दम पर लड़ेगी या नहीं? राज्य के प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ की तस्वीर
अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की प्लेइंग इलेवन, इन 11 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका!
अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की प्लेइंग इलेवन, इन 11 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका!
Cocktail 2 Trailer Out: रोमांस और कॉमेडी से भरपूर है 'कॉकटेल 2' का ट्रेलर, छा गया शाहिद-कृति और रश्मिका का लव ट्रायंगल
रोमांस और कॉमेडी से भरपूर है 'कॉकटेल 2' का ट्रेलर, छा गई शाहिद-कृति और रश्मिका की तिकड़ी
शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का बड़ा धरना, शामिल होने पहुंचे TMC के सिर्फ 5 विधायक और 6 सांसद
शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का बड़ा धरना, शामिल होने पहुंचे TMC के सिर्फ 5 विधायक और 6 सांसद
Explained: दिन में बिजली सस्ती और रात में 14 रुपए यूनिट तक महंगी क्यों? समझिए 'डक कर्व' और सोलर एनर्जी का दिलचस्प खेल
दिन में बिजली सस्ती और रात में 14 रुपए यूनिट तक महंगी क्यों? समझिए सोलर एनर्जी का दिलचस्प खेल
Google Mosquitoes: अमेरिका में 32 मिलियन इंफेक्टेड मच्छर छोड़ने की इजाजत क्यों मांग रहा गूगल, इससे क्या होगा फायदा?
अमेरिका में 32 मिलियन इंफेक्टेड मच्छर छोड़ने की इजाजत क्यों मांग रहा गूगल, इससे क्या होगा फायदा?
कॉकरोच जनता पार्टी में शामिल होंगे सोनम वांगचुक, सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जानें क्या कहा है?
कॉकरोच जनता पार्टी में शामिल होंगे सोनम वांगचुक, सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जानें क्या कहा है?
Embed widget