सोनम वांगचुक का जिक्र कर सचिन पायलट बोले, 'राहुल गांधी और हमारी पार्टी का मानना है कि...'
Sonam Wangchuk Hunger Strike: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी और हमारी पार्टी का मानना है कि युवा देश के भविष्य हैं. उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा.

सोनम वांगचुक के अनशन पर कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने वांगचुक से अनशन को खत्म करने की अपील की है. साथ ही पेपरलीक का जिक्र करते हुए बीजेपी को घेरा. उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ किसी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं होगा.
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''पिछले 19 दिन से सोनम वांगचुक जी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हुए हैं, जिससे उनके स्वास्थ पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वे अपना अनशन समाप्त करें.''
पिछले 19 दिन से सोनम वांगचुक जी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर अनशन पर बैठे हुए हैं, जिससे उनके स्वास्थ पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। मैं उनसे आग्रह करता हूँ कि वे अपना अनशन समाप्त करें।
— Sachin Pilot (@SachinPilot) July 16, 2026
पेपरलीक और विभिन्न अनियमितताओं के मामलों के कारण छात्रों और उनके परिवारों…
'छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न'
उन्होंने आगे कहा, ''पेपरलीक और विभिन्न अनियमितताओं के मामलों के कारण छात्रों और उनके परिवारों पर जो आपबीती है उसने सभी को झकझोर दिया है. राहुल गांधी और हमारी पार्टी का मानना है कि युवा देश के भविष्य हैं. उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा. छात्रों को न्याय मिलना चाहिए. भाजपा सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना होगा और यह सिर्फ भावनात्मक विषय नहीं है, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न है.''
जंतर मंतर पर 19 दिन से अनशन पर हैं सोनम वांगचुक
बता दें कि सोनम वांगचुक पिछले 19 दिन से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं. उनका वजन गुरुवार (16 जुलाई) को नौ किलोग्राम से अधिक कम हो गया है. उनके डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से भूख हड़ताल करने की वजह से वह गंभीर चरण में पहुंच गए हैं और इससे उनके अंगों पर असर पड़ना शुरू हो सकता है.
हाई कोर्ट ने वांगचुक के स्वास्थ्य पर नजर रखने के दिए निर्देश
इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कार्यकर्ता वांगचुक के स्वास्थ्य पर हर दिन नजर रखें और जरूरत पड़ने पर उन्हें चिकित्सीय मदद दें. अदालत ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि किसी भी नागरिक की जिंदगी कीमती है और सरकारी अधिकारियों को उसे बचाने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए.’’ केंद्र और दिल्ली सरकार ने अदालत को बताया कि उन्हें वांगचुक की नियमित मेडिकल निगरानी करने में कोई आपत्ति नहीं है.
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रदर्शन में 28 जून को शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है.
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