राजस्थान: ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर शिक्षा मंत्री का इनकार, ग्रेड-थर्ड टीचर्स का हंगामा
Jaipur News In Hindi: धरने पर बैठे टीचर्स का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार से तबादला नीति लागू करने और तुरंत ट्रांसफर खोलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं.

राजस्थान में ग्रेड थर्ड के टीचर्स के ट्रांसफर का विवाद लगातार गहराता जा रहा है. तत्काल ट्रांसफर की मांग को लेकर टीचर्स लगातार आंदोलन कर रहे हैं. जयपुर में दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में टीचर्स धरने पर डटे रहे. धरने में बड़ी संख्या में महिला टीचर्स भी शामिल है.
आंदोलनकारी टीचर्स का साफ कहना है कि उनकी सबसे बड़ी मांग तत्काल ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू करने की है, ताकि बरसों से एक ही जगह पर ड्यूटी कर रहे टीचर्स को राहत मिल सके और परिवार से दूर रहने की मजबूरी खत्म हो.
तबादला नीति लागू करने की मांग
धरने पर बैठे टीचर्स का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार से तबादला नीति लागू करने और तुरंत ट्रांसफर खोलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा और आंदोलन लगातार जारी रहेगा.
इस बीच प्रदर्शन स्थल पर माहौल लगातार भावुक होता जा रहा है. राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर चल रहे धरने में शामिल कई महिला टीचर्स गुरुवार (6 अगस्त) को दूसरे दिन एबीपी न्यूज़ से बातचीत के दौरान फूट-फूटकर रो पड़ीं. उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भावुक अपील करते हुए कहा कि रक्षाबंधन से पहले उन्हें ट्रांसफर का तोहफा दिया जाए. महिला टीचर्स ने कहा कि वे बरसों से अपने परिवार, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता से दूर नौकरी करने को मजबूर हैं. उनका कहना है कि सरकार उनकी पीड़ा को समझे और जल्द फैसला ले.
तत्काल ट्रांसफर करना संभव नहीं- शिक्षा मंत्री
वहीं दूसरी तरफ बुधवार को राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से हुई बातचीत से टीचर्स को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. शिक्षा मंत्री ने साफ कह दिया कि फिलहाल तत्काल ट्रांसफर करना संभव नहीं है. मंत्री के इस रुख के बाद आंदोलनकारी टीचर्स में नाराजगी और बढ़ गई है.
ट्रांसफर का कोई नियम नहीं- मंत्री
इस बारे में मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि थर्ड ग्रेड के टीचर्स के ट्रांसफर का कोई नियम नहीं है. इस बारे में मंत्रिमंडल की बैठक में ही नियम में बदलाव करके ही कोई फैसला लिया जा सकता है. सरकार टीचर्स की इस मांग पर गंभीरता पूर्वक विचार करेगी.
'ये हजारों परिवारों की परेशानी का सवाल'
उधर, धरने में शामिल टीचर्स का कहना है कि यह सिर्फ तबादले का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की परेशानी का सवाल है. उनका आरोप है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद सरकार ने कोई ठोस समाधान नहीं निकाला. टीचर्स ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांग पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा.
विपक्ष का सरकार पर हमला
दूसरी तरफ टीचर्स के धरने को लेकर विपक्षी पार्टियों ने राजस्थान सरकार पर सियासी निशाना साधा है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं ने सरकार से इस मामले में फौरन दखल दिए जाने की मांग की है.
रक्षाबंधन से ठीक पहले भावुक होती महिला शिक्षकों की तस्वीरें और अपील अब इस आंदोलन को नया भावनात्मक आयाम दे रही हैं. ऐसे में सभी की नजर अब राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है.























