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Rajasthan: मेवाड़-वागड़ पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, बोले- मैंने किताबों से अकबर को हटा प्रताप महान का अध्याय जुड़वाया
Udaipur News: वासुदेव देवनानी दो दिवसीय दौरे पर मेवाड़-वागड़ पहुंचे हैं. यहां वह उदयपुर के पर्यटन स्थल प्रताप गौरव केंद्र भी पहंचे और महाराणा प्रताप के स्मारक को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की.

(वासुदेव देवनानी उदयपुर का दौरा किया)
Source : विपिन सोलंकी
Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद वासुदेव देवनानी (Vasudev Devnani) उदयपुर (Udaipur) पहुंचे हैं. दो दिनों के लिए मेवाड़-वागड़ के दौरे पर आए वासुदेव देवनानी कई धार्मिक स्थलों पर पहुंचे और माथा टेका. देवनानी उदयपुर में माता के मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे. मंदिरों में दर्शन के बाद वह पर्यटन स्थल प्रताप गौरव केंद्र भी पहुंचे. यहां उन्होंने वीरता, पराक्रम, त्याग और देश भक्ति के प्रतीक महान योद्धा महाराणा प्रताप के स्मारक को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की. यहां उन्होंने महाराणा प्रताप और अकबर के बारे में बात की. साथ ही विधानसभा में क्या रणनीति रहेगी इसके बारे में भी चर्चा की.
देवनानी ने कहा कि प्रताप गौरव केंद्र महज पर्यटन स्थल ही नहीं है बल्कि यह राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रीय चेतना का अनूठा केंद्र भी है. पर्यटन स्थल के रूप में प्रदेश और देश में इस केंद्र ने अपनी जगह बनाई है. यह गौरव केंद्र हमारे लिए तीर्थ स्थल भी है. वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप राष्ट्र के लिए हमेशा स्मरणीय हैं. भारतीय मानव जीवन के आदर्श महाराणा प्रताप के जीवन से युवाओं को देश भक्ति और त्याग का पाठ सीखना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि मैंने शिक्षा मंत्री काल के दौरान प्रदेश के स्कूलों में अकबर के अध्याय को हटवाकर प्रताप महान का नया अध्याय शामिल कराया था. इस प्रभावशाली कदम और चुनौतीपूर्ण पहल से देश और प्रदेश के इतिहास में महाराणा प्रताप को गौरवशाली स्थान मिला.
प्रताप गौरव केंद्र बनाने में देवनानी की रही महत्वपूर्ण भूमिका
वासुदेव देवनानी की इस प्रताप गौरव केंद्र के निर्माण और इसकी परिकल्पना में महत्वपूर्ण भूमिका रही है. देवनानी वीर शिरोमणि प्रताप समिति के प्रथम अध्यक्ष रहे हैं. वर्तमान में प्रताप गौरव केंद्र समिति की कार्यकारिणी के सदस्य हैं. देवनानी की अध्यक्षता में बनी समिति की दूरगामी सोच की परिकल्पना के अनुरूप ही यहां प्रताप स्मारक स्थल का निर्माण किया गया और इसके संचालन के लिए प्रताप गौरव केंद्र समिति का गठन किया गया.
'विधानसभा में पक्ष-विपक्ष दोनों का अनुभव'
डूंगरपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा में दोनों प्रकार के अनुभव रहे. जब सत्ता में रहे तो मंत्री के नाते प्रश्नों के उत्तर देना, समस्याओं का समाधान करने की कोशिश करना. वहीं विपक्ष में रहे तो प्रश्नों को पूछना और मुद्दों को खड़ा करना दोनों प्रकार के अनुभव है. पार्टी ने और सम्पूर्ण विधानसभा ने सर्वसम्मति से अवसर दिया है. इसका निर्वहन करते हुए विधानसभा में निर्वाचित प्रतिनिधि जनता के मुद्दे उठा सके इसका प्रयास करूंगा.
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Source: IOCL



























