जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर उनके गृह राज्य राजस्थान में सियासी घमासान, कांग्रेस बीजेपी आमने-सामने
Rajasthan News: राजस्थान में जगदीप धनखड़ के उप राष्ट्रपति पद से इस्तीफे के मुद्दे पर कांग्रेस-बीजेपी में घमासान मचा है. कांग्रेस दबाव में इस्तीफे का आरोप लगा रही है, जबकि BJP ने इसे राजनीति बताया है.

राजस्थान में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर सियासत शुरू हो गई है. इसे लेकर राज्य में कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गए हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जगदीप धनखड़ ने बीजेपी नेताओं के दबाव में इस्तीफा दिया है. उन्होंने इस्तीफा दिया नहीं, बल्कि उनसे जबरन लिया गया है.
दूसरी तरफ बीजेपी ने इसे लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया है. बीजेपी का कहना है कि धनखड़ की बीमारी पर कांग्रेस को सियासत नहीं करनी चाहिए. सियासी खींचतान की जद में अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी आ चुके हैं
बीजेपी ने दबाव डालकर जगदीश धनखड़ का इस्तीफा कराया - अशोक गहलोत
राजस्थान के पूर्व सीएम और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने साफ तौर पर कहा है कि उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ के इस्तीफे से उनके गृह राज्य राजस्थान के सभी लोग हैरान हैं. गहलोत का आरोप है कि बीमारी सिर्फ एक बहाना है. बीजेपी ने दबाव डालकर जगदीश धनखड़ का इस्तीफा कराया है.
गहलोत के मुताबिक, उन्होंने 28 जून को जोधपुर में हुई कांग्रेस की 'संविधान बचाओ रैली' में सार्वजनिक तौर पर कहा था कि उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ को बेहद दबाव में काम करना पड़ रहा है. उन्होंने धनखड़ के बाद अब राजस्थान के ही रहने वाले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेकर भी आशंका जताई है.
ओम बिरला काफी दबाव में काम कर रहे - अशोक गहलोत
अशोक गहलोत ने कहा है कि धनखड़ की तरह ओम बिरला काफी दबाव में काम कर रहे हैं. उनके मुताबिक, धनखड़ का इस्तीफा राजस्थान का अपमान है. धनखड़ जैसे संघर्षशील नेता इतने भी बीमार नहीं हुए हैं कि वह आनन-फानन में पद छोड़ दें.
इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दखल देना चाहिए था और इस्तीफा को मंजूर नहीं होने देना चाहिए था. अचानक हुआ इस्तीफा और उसे तुरंत मंजूर कर लिए जाने से तमाम सवाल उठ रहे हैं.
अशोक गहलोत इस मामले में सियासी रोटियां सेक रहे - झाबर सिंह खर्रा
दूसरी तरफ अशोक गहलोत के इस बयान पर राजस्थान सरकार ने पलटवार किया है. राज्य के कैबिनेट मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता झाबर सिंह खर्रा ने कहा है कि पिछले 2 हफ्तों में उनकी उपराष्ट्रपति धनखड़ से 2-3 बार मुलाकात हुई. इस दौरान वह सामान्य नहीं दिख रहे थे.
पूछने पर उन्होंने सेहत खराब होने की बात भी बताई थी. ऐसे में उनके इस्तीफे पर सवाल नहीं उठाना चाहिए और इस पर सियासत भी नहीं होनी चाहिए. मंत्री झाबर सिंह खर्रा का कहना है कि अशोक गहलोत इस मामले में सियासी रोटियां सेक रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है.
कांग्रेस और बीजेपी दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे
बहरहाल, कहा जा सकता है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर उनके गृह राज्य राजस्थान में सियासत शुरू हो गई है. कांग्रेस और बीजेपी दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं.
जो कांग्रेस कुछ दिनों पहले तक जगदीप धनखड़ को लेकर मुखर रहती थी, अचानक उसे उनके नाम से हमदर्दी हो गई है. धनखड़ को लेकर राजस्थान में आने वाले दिनों में सियासत और गरमाने की उम्मीद है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















