राजस्थान के कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिवाली का तोहफा, महंगाई भत्ता बढ़ा
Rajasthan DA Hike: राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस फैसले से करीब 8 लाख कर्मचारियों और 4.40 लाख पेंशनर्स को लाभ मिलेगा.

राजस्थान में दिवाली से पहले राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. सीएम भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार (3 अक्टूबर) को इसका ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इस फैसले का लाभ करीब 8 लाख कर्मचारियों और 4.40 लाख पेंशनर्स को होगा. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य कर्मचारियों सहित प्रत्येक वर्ग के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है.
1 जुलाई 2025 से मिलेगा बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता- सीएम
सीएम भजनलाल शर्मा ने महंगाई भत्ते में तीन फीसदी के बढ़ोतरी की घोषणा की. उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2025 से 58 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जाएगा.
सीएम भजनलाल शर्मा ने एक्स पोस्ट में कहा, "सुशासन को समर्पित हमारी सरकार ने दीपावली से पूर्व राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के हित में सातवें वेतनमान के अंतर्गत महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान की है. इसके परिणामस्वरूप अब राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को 1 जुलाई 2025 से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय होगा. इस निर्णय का लाभ लगभग 8 लाख कर्मचारियों एवं 4.40 लाख पेंशनर्स को मिलेगा. 'आपणो अग्रणी राजस्थान' के विजन के अनुरूप हमारी सरकार राज्य कर्मचारियों सहित प्रत्येक वर्ग के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है."
सुशासन को समर्पित हमारी सरकार ने दीपावली से पूर्व राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के हित में सातवें वेतनमान के अंतर्गत महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान की है. इसके परिणामस्वरूप अब राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को 1 जुलाई 2025 से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय…
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) October 3, 2025
पंचायत समितियों के कर्मचारियों को भी लाभ
पंचायत समितियों और जिला परिषदों के कर्मचारी भी इसके दायरे में आएंगे. इस हफ्ते की शुरुआत में केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की थी. अब सीएम ने राज्य के वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.
1230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय बोझ आएगा
आदेश के अनुसार, बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता अक्टूबर के वेतन के साथ भुगतान किया जाएगा, जो नवंबर में देय होगा. जुलाई से सितंबर तक के तीन महीनों के बकाया राशि को कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि खातों में जमा किया जाएगा. वहीं पेंशनर्स को बकाया राशि नकद में मिलेगी. सरकार के इस फैसले से राज्य के खजाने पर करीब 1230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय बोझ आएगा.
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Source: IOCL
























