अंता उपचुनाव में 80 फीसदी से ज्यादा मतदान, चेकिंग के दौरान 20 करोड़ की शराब, कैश जब्त
Anta By Election: अंता उपचुनाव में मतदान संपन्न हो गया है. अब नतीजे 14 नवंबर को सामने आएंगे. चेकिंग के दौरान 20 करोड़ से ज्यादा की शराब, कैश, मादक पदार्थ जब्त किया है.

राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान खत्म हो चुका है. चुनाव आयोग के मुताबिक इस सीट पर 80.21 फीसदी मतदान हुआ है. वहीं अब सभी की निगाहें 14 नवंबर को आने वाले चुनावी नतीजों पर है. इससे पहले चुनाव के दौरान 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब, कैश और मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं.
जिला पुलिस अधीक्षक बारां अभिषेक अंदासु ने जानकारी देते हुए बताया, "अंता विधानसभा उपचुनाव 2025 की निष्पक्षता और शांति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने 06 अक्टूबर से 11 नवंबर 2025 की अवधि के दौरान मादक पदार्थ, अवैध शराब और संदिग्ध नकदी के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया."
उन्होंने आगे बताया कि इस अभियान का उद्देश्य चुनाव को प्रभावित करने वाले अवैध तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था. वहीं एसपी अंदासु ने बताया कि पुलिस द्वारा की गई विभिन्न कार्रवाईयों के परिणामस्वरूप चुनाव के दौरान जब्त की गई सभी वस्तुओं की अनुमानित कुल कीमत 20 करोड़ 93 लाख 94 हजार 960 आंकी गई है, जो चुनाव की शुचिता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ी सफलता है.
आबकारी और मादक पदार्थों पर नियंत्रण
पुलिस ने अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए. आबकारी अधिनियम में कुल 65 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 675 लीटर अवैध शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 3,03,410 है. एनडीपीएस एक्ट के कुल 06 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 121 किलो 765 ग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया. जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 35,46,650 है.
नकदी और अन्य जब्त वस्तुएं
जब्ती की सबसे बड़ी राशि अन्य प्रकार की कार्रवाईयों के अंतर्गत सामने आई. पुलिस ने कुल 17 लाख 64 हजार 250 की संदिग्ध नकदी जब्त की. इसके अतिरिक्त अन्य कार्रवाई के तहत जब्त की गई वस्तुओं की अनुमानित कीमत 20 करोड़ 37 लाख 80 हजार 650 है.
वहीं चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद साइलेंस पीरियड के दौरान सुरक्षा मानदंडों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी पुलिस मुस्तैद रही. अन्ता विधानसभा क्षेत्र में बाहरी क्षेत्र के भ्रमण करने वाले 28 वाहनों को भी जब्त किया गया ताकि बाहरी असामाजिक तत्वों के प्रवेश और चुनावी नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके.
Source: IOCL



























