Jalore News: डेढ़ साल बाद गणपतसिंह हत्याकांड का पर्दाफाश, महिला समेत 3 अरेस्ट
Jalore News in Hindi: जालोर पुलिस ने गणपतसिंह हत्याकांड का खुलासा करते हुए अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग के चलते एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

राजस्थान के जालोर जिले की पुलिस को बहुचर्चित गणपतसिंह माण्डोली हत्याकांड में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने करीब डेढ़ साल (19 महीने) बाद इस 'ब्लाइंड मर्डर केस' का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग का विवाद मुख्य कारण था. पुलिस के इस खुलासे के बाद कलेक्ट्रेट के बाहर पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मृतक के परिजनों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है.
कैसे सुलझी डेढ़ साल पुरानी गुत्थी?
मामले की गंभीरता और लोगों के आक्रोश को देखते हुए जोधपुर रेंज के महानिरीक्षक के निर्देश पर जालोर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह इन्दोलिया ने जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (त्वरित अनुसंधान निस्तारण दल) भूपेन्द्र सिंह को सौंपी थी.
पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों की गोपनीय सूचना और मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) का बारीकी से विश्लेषण किया. संदिग्धों पर कड़ी निगरानी रखने के बाद पुलिस ने माण्डोली निवासी गजेन्द्रसिंह (पुत्र सुरेन्द्रसिंह), वागाराम (पुत्र कानाराम) और लच्छु देवी (पत्नी सवाराम) को हिरासत में लेकर पूछताछ की. कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया.
क्या था पूरा मामला?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 28 अगस्त 2024 को मृतक के भाई कल्याणसिंह ने रामसीन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसने बताया था कि उसका भाई गणपतसिंह 27 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे अपनी दुकान से बाइक लेकर निकला था, लेकिन घर नहीं लौटा. अगले दिन माण्डोली सरहद में कोलाया नाडा जाने वाली कच्ची सड़क पर गणपतसिंह का शव और उसकी बाइक मिली थी. मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे. पुलिस ने रामसीन थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया था.
विधानसभा तक गूंजा था मुद्दा
यह हत्याकांड पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया था. हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक गणपत सिंह की मां, पत्नी और अन्य परिजन कलेक्ट्रेट के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे. न्याय की मांग को लेकर परिजनों का यह तीसरा धरना था और वे पिछले 19 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर थे. सर्व समाज की ओर से महापड़ाव डाला गया था और कई बार ज्ञापन भी दिए गए थे. यह मामला इतना गरमा गया था कि इसकी गूंज राजस्थान विधानसभा तक में सुनाई दी थी. फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या से जुड़े अन्य अहम सुराग जुटाने के लिए उनसे गहन पूछताछ की जा रही है.
Source: IOCL

























