जयपुर: SIR को लेकर मुस्लिम युवक ने धर्म के नाम पर भेदभाव के लगाए आरोप, महिला BLO ने दी ये सफाई
Jaipur SIR News: मुस्लिम युवक ने जाति व धर्म के नाम पर भेदभाव किए जाने और वोटर लिस्ट से जानबूझकर वर्ग विशेष के मतदाताओं के नाम काटे जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं. इस बीच महिला बीएलओ ने सफाई दी.

जयपुर में वोटर लिस्ट की एसआईआर को लेकर महिला बीएलओ का वायरल वीडियो चर्चा का सबब बना हुआ है. इस वीडियो को अलग-अलग प्लेटफार्म पर अब तक कई करोड़ लोग देख चुके हैं. वीडियो में नजर आ रहे मुस्लिम युवक न सिर्फ अपने आरोपों पर अडिग है, बल्कि उन्होंने जाति व धर्म के नाम पर भेदभाव किए जाने और वोटर लिस्ट से जानबूझकर वर्ग विशेष के मतदाताओं के नाम काटे जाने के और भी गंभीर आरोप लगाए हैं.
वीडियो वायरल करने वाले युवकों के साथ ही इस इलाके के मुस्लिम समुदाय के तमाम ऐसे लोग भी सामने आए हैं, जिनके परिवार के कुछ सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट में पहले होने के बावजूद काट दिए गए हैं और उन्हें फार्म नहीं दिया जा रहा है.
महिला बीएलओ ने दी आरोपों पर सफाई
आरोपी महिला बीएलओ ने ABP News के कैमरे पर सामने आकर अपनी सफाई पेश की है. कहा है कि उनके लिए सभी वोटर बराबर हैं और वह जाति-धर्म के नाम पर कतई कोई भेदभाव नहीं कर रही हैं. अपने काम को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से अंजाम दे रही हैं. उन्होंने दावा किया कि कुछ बाहरी लोगों के नाम पर फॉर्म मांगे जा रहे थे, जिसके लिए मना करने पर वीडियो बनाया गया. उन्होंने इस मामले में पुलिस में शिकायत करने की भी बात कही है.
दूसरी तरफ वोटर लिस्ट की एसआईआर को लेकर सामने आए वीडियो पर सियासी घमासान और तेज हो गया है. विपक्ष इस वीडियो को वायरल कर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहा है. बता दें जयपुर शहर के झोटवाड़ा इलाके का यह वीडियो रविवार (16 नवंबर) का है.
करीब दो मिनट के वायरल वीडियो में महिला बीएलओ मिथिलेश सविता के साथ झोटवाड़ा इलाके के ही कुछ मुस्लिम युवकों की बहसबाजी हो रही है. इस वीडियो में मुस्लिम युवक आरोप लगा रहे थे कि महिला बीएलओ मिथिलेश सविता जाति और धर्म के नाम पर भेदभाव कर रही हैं. मुस्लिम और एससी समुदाय के वोटरों के घर फार्म देने नहीं जा रही हैं.
कांग्रेस ने इन आरोपों पर खड़े किए सवाल
आरोप है कि संपर्क करने पर भी वह फार्म देने को तैयार नहीं होती. वर्ग विशेष के परिवारों के कुछ नाम के आगे उन्होंने वोटर लिस्ट में मार्किंग कर रखी है. इस वीडियो को कांग्रेस पार्टी ने अपने ऑफिशियल x हैंडल से ट्वीट किया.
कांग्रेस समेत विपक्ष के तमाम दूसरे नेताओं ने भी इसके बहाने सरकार और चुनाव आयोग पर निशान साधा. राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसके जरिए चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया और एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े किए.
महिला से बहस करने वाले युवकों ने क्या बताया?
इस वायरल वीडियो की पड़ताल करने के लिए ABP News की टीम जयपुर शहर के उस झोटवाड़ा इलाके में पहुंची जहां का यह मामला है. यह इलाका मुस्लिम बाहुल्य है. यहां ज्यादातर अकलियत के लोग ही रहते हैं. कई ओबीसी और दलित परिवार भी यहां रहते हैं. हमारी मुलाकात सबसे पहले आसिफ और जावेद नाम के उन दो मुस्लिम युवकों से हुई, जो वायरल वीडियो में महिला बीएलओ से बहस करते, सवाल पूछते और आरोप लगाते हुए नजर आ रहे हैं.
यह अपने आरोपों पर न सिर्फ पूरी तरह कायम हैं बल्कि इन्होंने आरोपी महिला बीएलओ मिथिलेश सविता पर धर्म व जाति के नाम पर भेदभाव करने और जानबूझकर वोटरों का नाम काटने व उन्हें फॉर्म नहीं दिए जाने का और भी गंभीर आरोप लगाया.
उन्होंने यह भी बताया कि महिला बीएलओ के खिलाफ उन्होंने उपखंड अधिकारी यानी एसडीएम से शिकायत कर उन्हें ज्ञापन भी दिया है. इस दौरान झोटवाड़ा इलाके के ही मुस्लिम समुदाय के तमाम ऐसे लोग भी मिले, जिन्होंने वोटर लिस्ट और वोटर आई कार्ड के सबूत पेश करते हुए यह बताया कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों के नाम के फॉर्म नहीं दिए जा रहे हैं.
वोटर लिस्ट से नाम काटने के लगे आरोप
बताया जा रहा है कि वोटर लिस्ट से उनका नाम काट दिया गया है. हालांकि उन्होंने दावा किया कि परिवार के जिन सदस्यों का नाम कटा है, उनका नाम कुछ दिनों पहले तक वोटर लिस्ट में था और उन्होंने कई बार वोट भी डाले हैं. लोगों की शिकायत पर हमारी टीम झोटवाड़ा इलाके के दूसरे बीएलओ विजेंद्र के पास पहुंची तो कैमरे पर उनके सुर बदल गए.
उन्होंने बयान दिया कि जिन भी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में हैं, उन सभी को फॉर्म दिया जाएगा. हालांकि इसके लिए उन्हें वोटर आई कार्ड पेश करना होगा. बहरहाल जयपुर के इस वीडियो ने एसआईआर को लेकर एक बार फिर नए सिरे से बहस छोड़ दी है और तमाम सवाल भी खड़े कर दिए हैं. आने वाले दिनों में इस पर सियासत और गरमाने की भी उम्मीद है.



















