जयपुर के अमायरा केस में नया मोड़, परिवार बोला- बेटी की मौत हादसा नहीं, इनपर लगाया आरोप
Jaipur News: परिवार ने इस घटना एके लिए स्कूल संचालक, प्रिंसिपल और टीचर को दोषी माना है. उनके मुताबिक स्कूल संचालक रसूखदार हैं और उनकी सुनवाई नहीं हो रही. इसलिए 22 नवम्बर को वे कैंडल मार्च निकालेंगे.

राजस्थान के जयपुर में नामचीन नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा चार की 10 वर्षीय छात्रा अमायरा ने 20 दिन पहले स्कूल में चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी, जिसने राजस्थान समेत पूरे देश को हिला दिया था. यही नहीं इस घटना ने स्कूल में बच्चों की देखभाल को लेकर भी नई बहस छेड़ दी थी. अब बच्ची का परिवार मीडिया के सामने आया है और स्कूल की मान्यता रद्द करने के साथ पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है.
परिवार ने इस घटना एके लिए स्कूल संचालक, प्रिंसिपल और टीचर को दोषी माना है. उनके मुताबिक स्कूल संचालक रसूखदार हैं और उनकी सुनवाई नहीं हो रही. इसलिए 22 नवम्बर को वे कैंडल मार्च निकालेंगे.
टीचर की लापरवाही और ट्रोलिंग मौत की जिम्मेदार
अमायारा के पिता विजय सिंह मीणा और परिवार आज मीडिया के सामने आया. उन्होंने कहा कि CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुछ बच्चे मेरी बेटी को परेशान कर रहे हैं और कमेन्ट कर रहें हैं. टीचर से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल संचालक बहर रसूखदार हैं, पुलिस प्रशासन उनके बचाव में खड़ा है. कोई सुनवाई नहीं हो रही. उन्होंने टीचर, प्रिंसिपल और स्कूल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है.
CBI जांच की मांग-जाएंगे हाईकोर्ट
परिवार ने राजस्थान सरकार से पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है और कहा कि अगर सरकार ने हमारी ये मांग नहीं मणि तो हम इसके लिए हाईकोर्ट जाएंगे. इसके लिए वकीलों से कानूनी राय भी ले ली गयी है.
धरना और कैंडल मार्च का ऐलान
परिवार ने बताया कि अपने बेटी के इन्साफ के लिए जयपुर के शहीद स्मारक में शनिवार 22 नवम्बर को धरना दिया जाएगा. शाम को कैंडल मार्च निकालकर अमयारा को श्रद्धांजलि दी जाएगी.
पिता विजय सिंह मीणा ने कहा कि अब हमारी बेटी तो वापस नहीं आएगी, लेकिन ये आन्दोलन इसलिए है कि कोई और अमायरा फिर न शिकार बने. उन्होंने कहा कि ये आन्दोलन उन स्कूल के खिलाफ भी है जो मोटी फीस तो लेते हैं लेकिन बच्चों का ध्यान नहीं रखते.

























