राजस्थान: किसानों-मजदूरों का दस्तक कैंपेन शुरू, जानें क्या हैं मांगे
Rajasthan News: संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच ने देशव्यापी दस्तक कैंपेन का आह्वान किया है. आज सीकर जिले से 'जनप्रतिनिधियों ने दस्तक' कैंपेन की शुरुआत की.

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच ने देशव्यापी दस्तक कैंपेन का आह्वान किया है. आज सीकर जिले से 'जनप्रतिनिधियों ने दस्तक' कैंपेन की शुरुआत की. यह कार्यक्रम निष्क्रियता के खिलाफ चेतावनी भरा कैंपेन 17 से 25 अगस्त तक चलेगा, जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय व राज्य मंत्री, सांसद व विधायक समेत सभी जनप्रतिनिधियों को किसानों, मजदूरों और आम जन की मांगों का चार्टर सौंपा जाएगा.
धोद विधानसभा क्षेत्र की इकाई ने आज इस कार्यक्रम की प्रतीकात्मक शुरुआत की. प्रतिनिधिमंडल सरवड़ी गांव स्थित धोद विधायक गोरधन वर्मा के सरवड़ी गांव स्थित घर पहुंचा और दस्तक कैंपेन के तहत अपनी मांगों का चार्टर सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने विधायक वर्मा के साथ चार्टर पर विस्तृत चर्चा की. इस दौरान उन्होंने केन्द्र, राज्य सरकार और प्रशासन को शीघ्र पत्र भेजकर मांगों के समाधान करने की बात कही.
प्रतिनिधिमंडल की स्थानीय मांगें
प्रतिनिधिमंडल की मांगों की सूची में नानी, ढाका की ढाणी व भढाढर तिराहे तक सड़क निर्माण तथा टूटे हुए मार्गों की तुरंत मरम्मत व अधूरे हिस्सों को मिसिंग लिंक से जोड़ना शामिल है. इसके साथ ही आसपास के खेतों और घरों में भरने वाले गंदे पानी (ड्रेनेज वाटर) की निकासी के लिए स्थायी प्रबंध कराने, स्थानीय निकायों और यूआईटी द्वारा नाम दर्ज कराई गई गावों की चारागाह भूमियों के आदेश निरस्त कराना तथा उन भूमियों पर पीढ़ियों से बसे निवासियों को उनकी स्थिति यथावत रखने का प्रावधान शामिल है. इसके अलावा यूरिया-डीएपी की काला बाजारी पर सख्त कार्रवाई और उर्वरकों की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित कराने क मांग भी शामिल है.
गोरधन वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को दिया आश्वासन
इसके अलावा प्रतिनिधी मंडल के चार्टर में किसानों, मजदूरों और आम लोगों से जुड़ी कई बड़ी नीतिगत मांगों का भी उल्लेख किया गया है. इसमें भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और यूरोपीय देशों से प्रस्तावित FTA का विरोध, बीज से संबंधित कानूनों के प्रस्तावों को रद्द करना, चार लेबर कोड को वापस लेकर पुरानी श्रम संहिताओं को पुनः लागू करना, श्रमिकों के लिए न्यूनतम मासिक मजदूरी रुपया 32,000 तय करने की मांग शामिल है.
इसके साथ ही किसानों, खेत मजदूरों और श्रमिकों के कर्ज को पूरी तरह माफ करने, C2 + 50% फार्मूले के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने, मनरेगा में बदलाव के तहत 200 दिनों का रोजगार व प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी लागू कराने की मांग भी शामिल है. इसके अलावा इसमें बिजली के निजीकरण को रोकने भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अनाज भंडारों में किसी एक कॉरपोरेट एकाधिकार को समाप्त कराने के अलावा फसल एवं पशुधन बीमा की व्यापक व आसान योजना लागू कराने की मांग भी शामिल है.
मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी
राजस्थान में अखिल भारतीय किसान सभा के सक्रिय नेता सत्यजीत भींचर ने कहा कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित FTA भारतीय कृषि, कारखानों और व्यापार पर एक साम्राज्यवादी हमला है. यह आंदोलन देश की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा का संघर्ष है. उन्होंने बताया कि यह अभियान 26 नवंबर से दिल्ली, राज्य की राजधानियों और जिला-तहसील स्तर पर घेराव व बहुदिवसीय आंदोलन के रूप में जारी रखा जाएगा जब तक प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं.
कार्यक्रम में उपस्थित चेहरे
इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय किसान सभा के सीकर ग्रामीण सचिव सत्यजीत भींचर, अध्यक्ष बेगाराम कुल्हरि, लालचन्द भूकर, मघाराम, महेन्द्र सिंह, हरीराम ओला, केशर परसवाल, मुनीम खां धोद, तहसील सचिव अशोक ढाका, अध्यक्ष उदाराम थोरी, रूड़ सिंह महला, शंकर लाल सैनी, परमेश्वर ढाका सहित खेत मजदूर यूनियन, लायर्स यूनियन व नौजवान सभा के प्रतिनिधि और संयुक्त किसान मोर्चा व श्रमिक संगठनों के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे.























