'शंकराचार्य के मान-सम्मान में कमी रखने वालों की...', भड़क गए BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य, कह दी यह बात
Shankaracharya Controversy: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले में बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने निष्पक्ष जांच की बात कही.

राजस्थान के जयपुर में हवामहल सीट से बीजेपी के विधायक बालमुकुंद आचार्य ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले में कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि शंकराचार्य के मान-सम्मान में जिसने भी कमी की है, उसे कड़ा दंड मिलना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि धर्म गुरुओं का अपमान कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता. शंकराचार्य जैसे पूज्य संतों का सम्मान सर्वोपरि है और समाज के हर वर्ग को उनके पद की गरिमा का आदर करना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे स्वयं शंकराचार्य के प्रति कृतज्ञ हैं और नतमस्तक रहते हैं. ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए.
निष्पक्ष जांच की मांग
विधायक ने दो टूक कहा कि जो भी लोग दोषी पाए जाएं, उन्हें सजा मिलनी ही चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाए.
उनका कहना है कि यदि किसी फैसले से करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, तो वह गलत नहीं है, लेकिन इसके नाम पर शंकराचार्य का अपमान भी उचित नहीं ठहराया जा सकता.
विपक्ष पर राजनीति का आरोप
स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष अनर्गल बातें फैलाकर दुष्प्रचार कर रहा है. उनका मानना है कि राजनीति में धर्म का पालन होना चाहिए, लेकिन धर्म में राजनीति की एंट्री नहीं होनी चाहिए.
योगी सरकार का बचाव
विधायक ने योगी आदित्यनाथ सरकार का बचाव करते हुए कहा कि माघ मेले में व्यवस्थाएं शानदार हैं. इसके बावजूद यदि कोई घटना हुई है, तो वह दुर्भाग्यपूर्ण है और उसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल उठाना ठीक नहीं, लेकिन अधिकारियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है.
हवा महल सीट से बीजेपी विधायक होने के साथ-साथ स्वामी बालमुकुंद आचार्य अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने बताया कि इस मामले में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बाद वे भी खुलकर दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उन्होंने दोहराया कि सरकार का बचाव जरूरी है, लेकिन शंकराचार्य को पूरा सम्मान मिलना भी उतना ही जरूरी है.



















