राजस्थान: भीलवाड़ा में 'टॉमी' बयान पर सियासी तूफान, कांग्रेस नेता नीरज गुर्जर पर भड़के सरपंच
Rajasthan News: भीलवाड़ा में कांग्रेस नेता नीरज गुर्जर के “मेरे पाले टॉमी भाजपा में चले गए” बयान से सियासत गरमा गई है. बीजेपी समर्थित सरपंचों ने इसे अपमानजनक बताते हुए तीखा पलटवार किया.

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक भजन संध्या के मंच से उठे एक बयान ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है. कांग्रेस नेता नीरज गुर्जर का “मेरे पाले टॉमी भाजपा में चले गए” वाला बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है. इस बयान के बाद भाजपा समर्थित सरपंचों ने भी खुलकर पलटवार किया है. मामला अब सियासी तकरार में बदल गया है.
कोटड़ी उपखंड के कोठाज गांव में श्री श्याम राधे ग्रुप की भजन संध्या चल रही थी. मंच पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और एआईसीसी सचिव धीरज गुर्जर, उनके भाई नीरज गुर्जर समेत कई स्थानीय नेता मौजूद थे. इसी दौरान नीरज गुर्जर ने मंच से कहा, “मेरे पाले हुए टॉमी भाजपा में चले गए… ये लोग वफ़ादारी का मतलब भूल गए. राजनीति अवसरवाद नहीं, निष्ठा से चलती है.”
सरपंचों का गुस्सा फूटा
नीरज गुर्जर के बयान ने भाजपा समर्थित सरपंचों को भड़काया. जीवा का खेड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच शोभा लाल जाट ने वीडियो जारी कर कहा, “भीलवाड़ा के एक तुच्छ नेता ने सरपंचों को टॉमी कहा है. यह सरपंचों का अपमान है. अपनी भाषा सुधार ले, वरना जनता सड़क पर जूते पीट-पीटकर मारेगी.”
भाजपा समर्थित नेताओं ने खोला मोर्चा
भाजपा से जुड़े सरपंचों गोपाल सिंह बिशनिया (कोठाज), सावरा धाकड़ और शिमला विनोद संचेती (पारोली) ने नीरज के बयान की निंदा की है. उनका कहना है कि सरपंच जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि हैं, और उन्हें “टॉमी” कहना जनता का अपमान है. इन नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अब जमीन खो चुकी है, इसलिए अब उनके नेता ऐसी भाषा बोलकर सुर्खियों में रहना चाहते हैं.
विवाद बढ़ने के बाद भी कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि सीनियर नेताओं ने मामले को शांत करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं.
नीरज गुर्जर ने अब तक अपने बयान पर सफाई नहीं दी है, लेकिन कांग्रेस के भीतर इस बात पर चर्चा जरूर है कि ऐसे शब्दों से पार्टी की छवि को नुकसान होता है.
इसी कार्यक्रम में मंच से धीरज गुर्जर ने कहा, “राजनीति नाम, दाम या पद के लिए नहीं बल्कि सेवा के लिए होनी चाहिए. मैं जनता के बीच रहकर कमजोरों की ताकत बनना चाहता हूं… और हां, हार तो यह है, पर गाड़ी और गनमैन अभी भी मेरे पास हैं.” धीरज इससे पहले “मेरा जूता बोलता है” जैसी टिप्पणी करके भी सुर्खियों में रह चुके हैं.
सोशल मीडिया पर ‘भाई बनाम सरपंच’ ट्रेंड
यह विवाद अब सोशल मीडिया की दीवारों पर भी चढ़ गया है. #TommyStatement, #BhilwaraPolitics और #NeerajGurjar जैसे हैशटैग ट्विटर और फेसबुक पर ट्रेंड कर रहे हैं. कई यूजर्स इस लड़ाई को राजनीतिक अहंकार बनाम जनसम्मान बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष का नतीजा मान रहे हैं.
सियासी नुकसान का डर
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे बयान भीलवाड़ा जैसी संवेदनशील सीटों पर बड़ा असर डाल सकते हैं. यहां पंचायत स्तर पर हर नेता का वजन विधानसभा समीकरणों को प्रभावित करता है. “टॉमी” और “जूते की भाषा” जैसी टिप्पणियां जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष फैला सकती हैं.
Source: IOCL



























