अंता सीट का क्या है सियासी समीकरण? उपचुनाव में नरेश मीणा कैसे बिगाड़ सकते हैं BJP-कांग्रेस का खेल
Anta By election 2025: अंता उपचुनाव में नरेश मीणा भी कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं और उनका कहना है कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिलती है तो भी वह चुनाव लड़ेंगे.

राजस्थान में अंता विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. इस सीट पर 11 नवंबर को उपचुनाव का मतदान होना है और 14 नवंबर को नतीजे सामने आएंगे. इस सीट पर इस बार रोचक मुकाबला देखा जा सकता है क्योंकि युवा नेता नरेश मीणा ने यहां से चुनाव लड़ने की ताल ठोक दी है और उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से राहुल गांधी से कांग्रेस की टिकट देने की अपील भी की कर दी है.
हालांकि इस सीट पर कांग्रेस पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भैया को चुनाव लड़ाती आई है. दूसरी तरफ नरेश मीणा भी कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं और उन्होंने कहा कि अगर टिकट नहीं मिलती है तो भी वह चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में कांग्रेस हो या बीजेपी नरेश मीणा चुनावी खेल बिगाड़ सकते हैं.
इससे पहले उन्होंने वर्ष 2024 में हुए देवली उनियारा सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस से टिकट की मांग की थी, लेकिन कांग्रेस ने यहां पर के.सी मीना को चुनाव लड़वाया. चुनावी नतीजे में कांग्रेस यहां तीसरे नंबर पर रही. वहीं नरेश मीणा 60 हजार वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे. ऐसे में अब एक बार फिर नरेश मीणा अंता सीट पर होने जा रहे उपचुनाव में ताल ठोकते हुए दिखाई दे रहे हैं.
अंता सीट पर वोटों का समीकरण
अंता सीट बीजेपी और कांग्रेस के बीच हमेशा कड़ा मुकाबला रहा है. ऐसे में दोनों पार्टियां पहले से ही इस सीट पर चुनाव की तैयारियों में जुटी है. हाल ही में चुनाव आयोग ने भी इस सीट पर मतदाताओं की अंतिम सूची जारी की थी. इसके मुताबिक विधानसभा सीट पर कुल 2,27,563 मतदाता हैं. जिसमें 1,16,405 पुरुष मतदाता और 1,11,154 महिला मतदाता शामिल हैं. जबकि 4 वोटर थर्ड जेंडर हैं.
अंता में इस जाति के हैं सबसे ज्यादा वोटर
अंता सीट पर जातीय समीकरण की बात करें तो यह माली बहुल्य क्षेत्र हैं, जहां करीब 40 हजार माली समाज के मतदाता हैं. इसके अलावा करीब 30 हजार मीणा जाति का वोट है. यहां SC समुदाय के 35 हजार वोटर हैं. इसके बाद यहां धाकड़ समाज का वोट आता है. करीब 8 हजार मुस्लिम मतदाता भी हैं.
कैसा रहा राजनीतिक इतिहास?
2003 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रेम नारायण गालव और निर्दलीय प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ओर कांग्रेस के शिवनारायण नागर के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला था. जिसमें प्रमोद जैन भाया ने बीजेपी के दिग्गज प्रेम नारायण गालव और कांग्रेस के शिवनारायण को हराकर निर्दलीय चुनाव जीता. इस चुनाव में प्रमोद जैन ने करीब 6750 मतों से जीत दर्ज की थी.
2008 विधानसभा चुनाव में दो दिग्गजों के बीच मुकाबला देखने को मिला. इसमें बीजेपी के कद्दावर नेता रघुवीर सिंह कौशल और कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया में महामुकाबला हुआ. इसमें कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने बीजेपी के रघुवीर सिंह कौशल को 29668 मतों से हराया.
साल 2013 विधानसभा चुनाव के फिर महामुकाबला हुआ. बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी और कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया के बीच घमासान मुकाबला देखने को मिला. इसमें बीजेपी के प्रभुलाल सैनी ने कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया को 3399 मतों से चुनाव हरा दिया.
वहीं एक बार फिर 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रभूलाल सैनी और प्रमोद भाया के बीच मुकाबला हुआ. लेकिन इस बार प्रमोद भाया ने प्रभूलाल सैनी को लगभग 35 हजार वोटों से मात दी.
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कंवरलाल मीणा और कांग्रेस से पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया के बीच मुकाबला हुआ था. प्रमोद जैन भाया को 81529 कंवरलाल मीणा को 87390 वोट मिले थे. जहां लगभग 5861 वोटों से कंवरलाल मीणा ने जीत हासिल की थी.
Source: IOCL

























