राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव, कांग्रेस से इस नेता को मिल सकता है टिकट
Anta By Election: कोटा की अंता विधानसभा सीट पर बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा विधायक बने थे. लेकिन उनकी सदस्यता रद्द होने के बाद यह सीट खाली हुई है.

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव की तारीखों का भी ऐलान कर दिया है. यहां 11 नवंबर को मतदान होगा और 14 नवंबर को नतीजे आएंगे.
प्रदेश में अंता सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. इस सीट पर बीजेपी का कब्जा था कंवरलाल की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के चलते यह सीट खाली हुई, जिसके बाद चुनाव आयोग ने यहां उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया है.
बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी बताए जा रहे हैं. वहीं यहां मचे घमासान के पीछे नरेश मीणा भी बड़ी वजह बताई जा रही है. नरेश मीणा खुले तौर पर यह कह चुके हैं कि वह अतां से चुनाव लड़ेंगे.
इस वजह से खाली हुई सीट
बता दें, अंता विधानसभा सीट पर बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा विधायक बने थे. लेकिन उनकी सदस्यता रद्द होने के बाद यह सीट खाली हुई है. 2005 में उपसरपंच चुनाव के दौरान कंवरलाल मीणा पर SDM पर पिस्तौल तानने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था.
1 मई 2025 को खाली हुई थी सीट
इस मामले में कंवरलाल मीणा को 3 साल की सजा सुनाई गई थी. वहीं, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कंवरलाल मीणा की को अपील खारिज कर दिया गया. इसके बाद कंवरलाल मीणा ने मनोहर थाना कोर्ट में सरेंडर किया, जिसके बाद 1 मई 2025 को उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई.
हालांकि कंवरलाल मीणा ने राज्यपाल के पास सजा माफी के लिए दया याचिका दायर की है. ऐसे में सजा माफ हो जाती है तो उनकी विधायकी बहाल हो सकती थी. लेकिन इसमें कई कानूनी अड़चनें थी. लेकिन अब चुनाव आयोग ने अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया है.
हम ही जीतेंगे अंता सीट- अशोक गहलोत
वहीं इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, "अंता का चुनाव हम जीतेंगे, प्रमोद जैन भाया पहले उम्मीदवार थे, अब प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा आ रहे हैं, सब आपस में बैठकर बातचीत करेंगे", अब कौन उम्मीदवार हो सकता है उसका फैसला भी आजकल में जल्दी ही होने वाला है और उसके बाद सब लोग लग जाएंगे काम में और हम लोग ये सीट निकाल लेंगे."
उधर, नरेश मीणा को लेकर अशोक गहलोत ने कहा, "उनको थोड़ा सब्र रखना चाहिए. उनका लंबा करियर है. मुझे भी वह एक बार मिले थे, मैं चाहूंगा कि वह भी थोड़ा शांत स्वभाव रखें, वे लंबी रेस का घोड़ा हो सकते हैं, पर उनका जो गुस्सा है उसको वह ठंडा कर लें, शांत दिमाग से बात करें. सबको साथ लेकर चलने की बात करें, तो उनका लंबा करियर है. जल्दबाजी करेंगे तो वह आप जानते हो जल्दबाजी करता है वह ठोकर खा जाता है हम चाहेंगे कि वह ठोकर नहीं खाए."
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