राम मंदिर मामले पर सियासी घमासान तेज, संजय राउत-सुप्रिया श्रीनेत और रोहित पवार ने लगाए ये आरोप
Ram Mandir Donation Scam: महाराष्ट्र के शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत, NCP (SP) नेता रोहित पवार और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं.

- सुप्रिया श्रीनेत ने ट्रस्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए.
उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर सियासी बयानबाजी बढ़ती जा रही है. इसी क्रम में अब महाराष्ट्र के कई दिग्गज नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, एनसीपी (SP) नेता रोहित पवार और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इस मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं.
इन नेताओं ने पूरे राम मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ ही मामला दर्ज करने की मांग कर डाली है. इस मामले में बीजेपी और आरएसएस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि लोगों ने आस्था से दान दिया, पर उनके साथ गलत किया गया है.
Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, "The Ram Temple has taken resignation in connection with the corruption. What is surprising about this? First, who will answer for the loot that took place at the Ram Temple? If a theft of ₹10 takes place, the person is… pic.twitter.com/891FmlVuig
— IANS (@ians_india) July 7, 2026
संजय राउत ने कहा- पूरे ट्रस्ट के खिलाफ दर्ज हो FIR
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, "राम मंदिर से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में इस्तीफा लिया गया है. इसमें आश्चर्य की बात क्या है? सबसे पहले, राम मंदिर में जो लूट हुई है उसका हिसाब कौन देगा? अगर कोई गरीब 50 रुपए की चोरी करता है तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है. अगर 10 लाख रुपए का मामला सामने आता है, तो ED दखल देती है." उन्होंने आगे कहा, "यहां बीजेपी के लोगों ने और BJP द्वारा बनाए गए राम मंदिर ट्रस्ट ने, ₹550 करोड़ का घपला किया है. यह मामला एक साल से चल रहा है. बाद में, भगवान राम के गहनों और माता सीता के आभूषणों की चोरी के आरोप हो गए. लगभग 2 हजार करोड़ का ये घोटाला हुआ है. पूरे ट्रस्ट के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए."
रोहित पवार ने क्या आरोप लगाए?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता और करजत-जामखेड़ विधायक रोहित पवार ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कहा कि जमीन को लेकर भी भ्रष्टाचार हुआ था. रोहित ने कहा, "जब मंदिर बनाया जा रहा था, तब वहां की जमीन को लेकर भी बहुत बड़ा भ्रष्टाचार किया गया था. जो जमीन 2 करोड़ रुपये में अभी खरीदी गई थी उसे कुछ ही मिनट बाद मंदिर ट्रस्ट को 18 करोड़ में बेचा गया. इसी के साथ वहां जो भी खर्चा किया गया, वो 40 प्रतिशत अधिक था."
उन्होंने आगे कहा, "लोगों ने अच्छी भावना के साथ पैसा दिया था, उसमें अगर भ्रष्टाचार हो रहा है तो ये गलत है. इसके बाद चढ़ावे में भी भ्रष्टाचार हुआ. भ्रष्टाचार होने के समय जो लोग वहां अधिकारिक पदों पर बैठे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन CID, ED या CBI जैसी संस्थाएं तो कार्रवाई नहीं करेंगी इसलिए यहां पर न्यायिक जांच होनी चाहिए."
सुप्रिया श्रीनेत चंपत राय पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किए जाने पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा, "चंपत राय बंसल और अनिल मिश्रा का इस्तीफा हो जाता है, उन्हें क्लीन चिट दे दी गई, जिसकी घोषणा ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि कर रहे हैं. जो खुद मानते हैं कि वो स्वयं कुछ नहीं करते थे. प्रभु राम के मंदिर के प्रति इन लोगों की क्या गंभीरता थी इस बात से पता चलता था."
उन्होंने आगे कहा, "सबसे बड़ी बात यह है कि RSS की इसमें पूरी-पूरी भूमिका है. चंपत राय या अनिल मिश्रा को किस आधार पर क्लीन चिट दी गई है? बड़ी बात ये है कि कृष्ण मोहन, जिन्हें अभी महासचिव बनाया गया है, उनकी खुद की भूमिका भी संदिग्ध है. ट्रस्ट को भंग किया जाना चाहिए, इसकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची है."
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