पुणे: स्कूल यूनिफॉर्म खरीद में भ्रष्टाचार, संजय राउत ने उठाए ई-टेंडरिंग पर सवाल, CM को लिखा पत्र
Pune News In Hindi: संजय राउत ने पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम में स्कूल ड्रेस की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. उन्होंने सीएम फडणवीस को पत्र लिखकर जांच की मांग की है.

पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम में स्कूली छात्रों के लिए यूनिफॉर्म और अन्य सामान की खरीद में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. इस मामले को लेकर महाराष्ट्र से राज्सभा सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
उन्होंने आरोप लगाया है कि ई-टेंडरिंग नियमों की अनदेखी कर करोड़ों रुपये का ठेका दिया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ.संजय राउत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम में स्कूली छात्रों के लिए यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री की खरीद में हुआ कथित घोटाला बेहद चिंताजनक है."
उन्होंने कहा, "यह मामला सिर्फ सरकारी धन के दुरुपयोग का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की छवि को भी धूमिल करता है. अगर इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई होती है, तभी भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की मंशा पर भरोसा मजबूत होगा. अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मैंने इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और शिकायत आपके समक्ष सौंप दी है."
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संजय राउत ने पत्र में क्या कहा?
संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में कहा, "पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के कुछ पार्षदों ने मुझसे मुलाकात की. उन्होंने बताया कि प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों के छात्रों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म, स्कार्फ, स्वेटर, मोजे, रेनकोट और स्कूल बैग जैसी चीजों की खरीद अनिवार्य ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के जरिए नहीं की गई, जिससे नगर निगम के खजाने को नुकसान हुआ."
राउत ने आगे लिखा, "नियमों के अनुसार जब खरीद की लागत 3 लाख रुपये से ज्यादा हो, तो ई-टेंडरिंग सिस्टम का इस्तेमाल करना जरूरी है. लेकिन इस मामले में सोलापुर की 'जगदंबा रेडीमेड ड्रेसेस कोऑपरेटिव सोसाइटी' को करोड़ों का कॉन्ट्रैक्ट सीधे देकर नियमों का उल्लंघन किया गया है."
'सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा ये मामला'
संजय राउत ने कहा, "भ्रष्टाचार का यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल के सामान के लिए 239 रुपये प्रति यूनिट की दर तय की थी, लेकिन नगर निगम ने इन दिशानिर्देशों को नजरअंदाज कर दिया. संबंधित सोसाइटी को 814 रुपये प्रति यूनिट की दर से कॉन्ट्रैक्ट दिया गया और 575 रुपये का यह अंतर जनता के पैसे का दुरुपयोग है."
उन्होंने कहा, "यह हैरानी की बात है कि इतने बड़े पैमाने पर हुई इस खरीद के लिए कोई टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई. इस लेन-देन के जरिए जनता का लगभग 4 करोड़ रुपया हड़प लिया गया." उन्होंने सीएम फडणवीस से कहा, "मुख्यमंत्री फडणवीस प्रधानमंत्री मोदी का नारा 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा' (मैं न तो रिश्वत लूंगा और न ही किसी को लेने दूंगा) प्रेरणादायक है, लेकिन आपकी कैबिनेट के एक वरिष्ठ मंत्री ने नगर आयुक्त पर दबाव डाला कि वे नियमों का उल्लंघन करते हुए और बिना किसी टेंडर के संबंधित सोसाइटी को यूनिफॉर्म और स्कूल के सामान का कॉन्ट्रैक्ट दें."
राउत ने आखिर में कहा, "यह शर्मनाक है कि छात्रों के लिए स्कूल के सामान की खरीद में इस तरह का भ्रष्टाचार हुआ है. अगर यह भ्रष्टाचार जो सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का खुलेआम उल्लंघन करता है आपको मंजूर नहीं है, तो मेरा अनुरोध है कि आप संबंधित मंत्री और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ तुरंत कार्रवाई के आदेश दें. इस भ्रष्टाचार से जुड़े सभी दस्तावेजी सबूत आज आपके कार्यालय में सौंप दिए गए हैं."
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