Maharashtra News: मॉल में चलने वाले गेमिंग जोन रडार पर, फायर ऑडिट के साथ होगी सरप्राइज चेकिंग
Mumabi News In Hindi: महाराष्ट्र के गेमिंग जोन अब सरकार के रडार पर है, मॉलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए अब हर 2 साल की बजाय हर साल फायर ऑडिट अनिवार्य किया गया है.

महाराष्ट्र के मॉलों में चल रहे गेमिंग ज़ोन (Gaming Zones) की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार सख्त हो गई है. राज्य के सभी गेमिंग ज़ोन में सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा कराने का बड़ा फैसला लिया गया है. उद्योग मंत्री उदय सामंत ने विधान परिषद में घोषणा की है कि संबंधित आयुक्तों को राज्यव्यापी जांच के निर्देश दिए जाएंगे. इस विस्तृत जांच की रिपोर्ट आगामी अधिवेशन में विधान परिषद के पटल पर रखी जाएगी.
मुंबई के 68 मॉलों की जांच, 18 में मिली थी खामियां
विधान परिषद में विधायक उमा खापरे ने मुंबई के मॉलों में संचालित गेमिंग ज़ोन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का मुद्दा उठाया था. इस पर जवाब देते हुए उद्योग मंत्री ने मुंबई के मॉलों का डेटा सदन में रखा. मुंबई के 68 मॉलों का निरीक्षण किया गया. इनमें से 47 मॉलों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के इंतजाम संतोषजनक पाए गए.
18 मॉलों में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलने पर उन्हें 120 दिनों का नोटिस जारी किया गया. स्प्रिंकलर और स्मोक डिटेक्शन सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं पूरी करने के बाद ही इन्हें दोबारा संचालन की अनुमति दी गई. 3 मॉल फिलहाल बंद हैं, इसलिए उन पर कार्रवाई का सवाल नहीं उठता.
NDA में शामिल हुए बिना भी BJP को फायदा पहुंचाएंगे शरद पवार? जानें अंदर की बात
अब हर साल होगा फायर ऑडिट
गेमिंग जोन में आने वाले बच्चों और परिवारों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उद्योग मंत्री ने कई अहम बदलावों का खाका पेश किया. फायर ऑडिट व्यवस्था को सख्त बनाते हुए, इसे हर दो वर्ष के बजाय 'प्रत्येक वर्ष' अनिवार्य करने के लिए कानून में संशोधन किया जाएगा. सुरक्षा में कोई ढील न हो, इसके लिए थर्ड पार्टी एजेंसियों के माध्यम से बिना पूर्व सूचना के (Surprise) फायर ऑडिट कराने पर भी विचार किया जा रहा है.
मेडिकल सुविधा अनिवार्य
मॉल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल मदद के लिए 'मेडिकल सुविधाएं' हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए.
सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि राज्य के सभी गेमिंग ज़ोन में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके.
मुंबई के मशहूर 'के रुस्तम' आइसक्रीम पार्लर पर बड़ा एक्शन, FDA ने सस्पेंड किया लाइसेंस























