अमित शाह से मुलाकात के बाद NCP में खुलकर सामने आई नाराजगी, पार्थ पवार के इस कदम से नाखुश नेता
एनसीपी नेता पार्थ पवार के कामकाज से नाखुश हैं, खासकर कोर कमेटी को भरोसे में लिए बिना नियुक्तियों पर. पार्थ और जय पवार ने वरिष्ठ नेताओं से तालमेल बिठाकर फैसले लेने का वादा किया है.

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति के सहयोगी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है. दिग्गज दिवंगत नेता अजित पवार की एनसीपी के नेता उनके बेटे पार्थ पवार के कामकाज से खुश नजर नहीं आ रहे. सूत्रों की मानें तो सोमवार (2 नवंबर) को एनसीपी की कोर कमेटी की मीटिंग में नेताओं ने पार्थ पवार के काम करने के तरीकों पर नाराजगी जताई थी.
एनसीपी मुंबई प्रेसिडेंट के तौर पर जीशान सिद्दीकी और पार्टी के नेशनल स्पोक्सपर्सन के तौर पर उमेश पाटील को चुनते समय, कम से कम पार्टी की कोर कमेटी के मेंबर्स को भरोसे में लेने की उम्मीद थी, लेकिन क्योंकि यह सिलेक्शन आपसी सहमति से नहीं किया गया था, इसलिए नेताओं ने नाराजगी जताई.
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पार्थ और जय पवार ने NCP नेताओं से किया यह वादा
एनसीपी के नेताओं ने अपना रुख जाहिर किया कि मीटिंग में सबको साथ लेकर और अनुभवी नेताओं से बातचीत करके आगे के फैसले लिए जाने चाहिए. मीटिंग में पार्थ पवार और जय पवार ने भरोसा दिलाया कि सीनियर नेताओं के साथ सही तालमेल से फैसले लिए जाएंगे.
NCP नेताओं की अमित शाह से क्या हुई बात?
नेताओं ने बताया कि अमित शाह के साथ मीटिंग में यह बात तय हुई कि फाइनेंस पोर्टफोलियो जल्द से जल्द दिया जाना चाहिए. इस बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए आज सभी MLAs की एक जॉइंट मीटिंग करने का फैसला लिया गया है. साथ ही मंत्रियों और विधायकों के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करने का एकमत से फैसला हुआ है.
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