बिहार MLC विवाद में चिराग पासवान का सेफ हैंड! BJP के फैसले पर उठाए सवाल
बिहार में दो निर्दलीय MLC का बीजेपी में शामिल होने का मुद्दा गर्मा गया है. JDU की नाराजगी के बाद अब चिराग पासवान ने इसमें कानूनी अड़चनों का जिक्र कर संकेत दे दिए हैं.

बिहार में हाल ही में MLC चुनाव में निर्दलीय जीत कर आए राहुल राज और वंशीधर बृजवासी का बीजेपी में शामिल होने का मामला तूल पकड़ गया है. JDU की नाराजगी के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) प्रमुख चिराग पासवान ने भी इसमें कानूनी पेंच होने की बात कही है.हालांकि उन्होंने यह कहकर कि निर्दलीय MLC किसका समर्थन करना चाहते हैं, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं, बीच का रास्ता अपनाया है.
निर्दलीय MLC के बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर कहा चिराग पासवान ने कहा, "उन्हें यह अधिकृत तौर पर नहीं पता कि इन निर्दलीय एमएलसी को पार्टी में आधिकारिक रूप से मिलाया गया है या नहीं, क्योंकि इसमें कुछ कानूनी बाध्यताएं आ सकती हैं."
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उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि यह फैसला बीजेपी और उन निर्दलीय एमएलसी का है कि वे किसका समर्थन करना चाहते हैं, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है. चिराग पासवान के अनुसार, यदि कोई भी एमएलसी किसी सरकार, दल या गठबंधन का समर्थन करना चाहता है, तो समर्थन देने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, हालांकि कानूनी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखना जरूरी होगा.
क्या है पूरा मामला ?
यहां बता दें कि बीती 27 अक्टूबर को बिहार में 4 शिक्षक, 4 स्नातक MLC चुनाव का रिजल्ट आया. जिसमें दो निर्दलीय, दो आरजेडी और एक JDU व एक सीट प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज की आई. आरोप है कि रिजल्ट के बाद सारण से निर्दलीय राहुल राज और तिरहुत से निर्दलीय वंशीधर बृजवासी जीत के बाद दोनों ने बीजेपी की सदस्यता ले ली.
जन सुराज पार्टी ने यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि विधान परिषद के नियमों के मुताबिक, चुनाव बाद किसी भी समय कोई निर्दलीय प्रत्याशी किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ता है तो उनकी सदस्यता चली जाती है.इसलिए
विधान परिषद के नियमों का जिक्र किया और कहा कि चुनाव के बाद किसी भी समय कोई निर्दलीय प्रत्याशी किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ता है तो उनकी सदस्यता चली जाएगी. दोनों MLC को बीजेपी में शामिल करना गैर-संवैधानिक है. जन सुराज पार्टी ने इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई और विधान परिषद के सभापति से शिकायत की भी बात कही है.
JDU के अंदर भी नाराजगी
दोनों निर्दलीय विधायकों के बीजेपी में शामिल होने पर JDU ने भी आपत्ति जताई है. क्योंकि दोनों की जीत JDU उम्मीदवार को हराकर हुई है.इसलिए उसने इस फैसले पर नाराजगी जता दी है. अब जिस तरह चिराग पासवान ने इसमें कानूनी अड़चनों की बात कहकर ये मुद्दा उठाया है उसने बिहार में NDA सरकार में सबकुछ ठीक चल रहा है या नहीं उस पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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