CJP प्रदर्शनों पर पुलिस की सख्त नजर, 14 दिनों से कर ही डिजिटल निगरानी, अपनाई 3-स्तरीय सुरक्षा रणनीति
CJP Protest: मुंबई पुलिस ने 14 दिनों तक डिजिटल निगरानी, खुफिया इनपुट और जमीनी स्तर पर विशेष रणनीति अपनाकर कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखा.

मुंबई समेत महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने इस बार पहले से ही व्यापक तैयारी कर ली थी. दिल्ली में हुए बड़े प्रदर्शनों से सबक लेते हुए मुंबई पुलिस ने 14 दिनों तक डिजिटल निगरानी, खुफिया इनपुट और जमीनी स्तर पर विशेष रणनीति अपनाकर कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखा.
राज्यभर में CJP के समर्थन में 98 स्थानों पर प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं और हालात पुलिस की सख्ती के कारण नियंत्रण में रही और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई है.
पुलिस ने क्या-क्या तैयारियां की?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, CJP से जुड़े संभावित आंदोलनों को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष डिजिटल पेट्रोलिंग शुरू की गई थी. इस दौरान प्रदर्शन से जुड़े हैशटैग, कीवर्ड्स और लगातार पोस्ट करने वाले अकाउंट्स की निगरानी की गई. पुलिस ने उन लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जो प्रदर्शन के समर्थन में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे. अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन गतिविधियों के विश्लेषण से संभावित जुटान और प्रदर्शन स्थलों की जानकारी जुटाने में मदद मिली.
अपनाई तीन-स्तरीय सुरक्षा रणनीति
पुलिस ने आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए तीन स्तरों पर रणनीति तैयार की थी. पहले चरण में सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ऑनलाइन आयोजकों और संबंधित गतिविधियों पर नजर रखते हुए खुफिया जानकारी एकत्र की गई.
दूसरे चरण में दादर रेलवे स्टेशन सहित प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाई गई. पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे कई प्रमुख लोगों को अग्रिम तौर पर हिरासत में लिया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना कम हो गई.
तीसरे चरण में प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर बढ़ने वाले लोगों को हिरासत में लेकर विभिन्न पुलिस स्टेशनों में भेजा गया, ताकि किसी भी स्थान पर भीड़ इकट्ठा न हो सके.
कुल 98 स्थानों पर हुए प्रदर्शन
मुंबई के शिवाजी पार्क के अलावा कोल्हापुर के शिवाजी चौक, पुणे, गढ़चिरौली और राज्य के अन्य हिस्सों में कुल 98 स्थानों पर प्रदर्शन हुए. पुलिस का दावा है कि डिजिटल निगरानी, खुफिया समन्वय और समय रहते की गई कार्रवाई के कारण पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रही और किसी बड़े अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.
























