महाराष्ट्र ATS का सबसे बड़ा ऑपरेशन, पाकिस्तान से जुड़े आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
Maharashtra News: ATS ने पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टर-आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए राज्यभर में 40 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की. सोशल मीडिया, गेमिंग ऐप्स के जरिए युवाओं की भर्ती का खुलासा हुआ.

महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने बुधवार (13 मई) को राज्यभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शाहजाद भट्टी और डोगर गैंग से जुड़े कथित फ्रीलांस मॉड्यूल पर शिकंजा कसा. एटीएस की टीमों ने एक साथ 40 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई को अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है.
मुंबई के सांताक्रूज, अंधेरी, घाटकोपर और मलाड समेत कई इलाकों में छापे मारे गए. वहीं ठाणे, कल्याण, नालासोपारा और मीरा रोड जैसे इलाकों में भी ATS की टीमें सक्रिय रहीं. इसके अलावा पुणे, नागपुर, नाशिक, मालेगांव और छत्रपति संभाजीनगर में भी संदिग्धों के ठिकानों की तलाशी ली गई.
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गेमिंग ऐप से युवाओं को फंसाने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहा था. इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए युवाओं से संपर्क किया जाता था और उन्हें गैंगस्टर लाइफ का लालच दिया जाता था.
जांच में यह भी सामने आया है कि ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर युवाओं तक पहुंच बनाई जा रही थी. अधिकारियों का कहना है कि इस तरीके से युवाओं को धीरे-धीरे कट्टरपंथ और अपराध की तरफ धकेला जा रहा था. एजेंसियों को शक है कि कई युवाओं को आगे चलकर ऑपरेटिव के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी थी.
57 लोग हिरासत में, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त
इस बड़े ऑपरेशन के दौरान अब तक करीब 57 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. एटीएस ने कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं.
अब जांच एजेंसियां इन लोगों के कॉल रिकॉर्ड, चैट और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही हैं. अधिकारियों को शक है कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान और दुबई में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हुए हैं. जांच टीम इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग और कम्युनिकेशन चैन को खंगाल रही है.
गाजियाबाद CCTV जासूसी केस से जुड़ा कनेक्शन
अधिकारियों के मुताबिक, शाहजाद भट्टी और डोगर गैंग का नाम हाल ही में सामने आए गाजियाबाद के CCTV जासूसी मामले में भी आया था. जांच में पता चला था कि दिल्ली कैंट और संवेदनशील रेलवे कॉरिडोर के पास सोलर-पावर्ड कैमरे लगाए गए थे. इन कैमरों का लाइव एक्सेस पाकिस्तान और दुबई में मौजूद हैंडलर्स को दिया जा रहा था.
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क “फ्रीलांस मॉड्यूल” की तरह काम करता था. यानी अलग-अलग सेल एक-दूसरे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते थे, ताकि पकड़े जाने पर पूरा नेटवर्क सामने न आ सके.
सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश
शाहजाद भट्टी का नाम पहले भी कई गंभीर मामलों में सामने आ चुका है. पंजाब में सैन्य प्रतिष्ठानों के पास हुए विस्फोटों और दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर व हिसार मिलिट्री कैंप को निशाना बनाने की साजिश में भी उसका नाम जुड़ा रहा है.
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लाहौर का रहने वाला शाहजाद भट्टी कथित तौर पर ISI का करीबी माना जाता है. जांच एजेंसियों का दावा है कि वह दुबई में बैठकर भारत में हथियार तस्करी, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली जैसे अपराधों को ऑपरेट कर रहा था. फिलहाल महाराष्ट्र ATS इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने और उससे जुड़े हर लिंक को खत्म करने की कोशिश में जुटी हुई है.
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Source: IOCL























