Exclusive: 'CM मैं था, उद्धव ठाकरे कुछ नहीं थे फिर भी...', देवेंद्र फडणवीस ने बताया शिवसेना UBT चीफ ने क्या कर दिया था?
CM Devendra Fadnavis Exclusive: मुख्यमंत्री फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ठाकरे कोस्टल रोड का क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उन्होंने अवैध भूमि पूजन किया था.

महाराष्ट्र महानगर पालिका चुनावों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एबीपी न्यूज से खास बातचीत की. इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दल के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा. इसी के महाराष्ट्र में चल रहे 'क्रेडिट वॉर' के संबंध में उन्होंने एक ऐसा किस्सी शेयर किया, जिसे सुनकर आप भी हैरान हो सकते हैं.
देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "पड़ोसी का बच्चा अपने गोदी में बैठाओ तो अपना बच्चा नहीं हो जाता. ये लोग कितना भी क्रेडिट लेने का प्रयास करें, ले नहीं पाएंगे. महाराष्ट्र और मुंबई में देखा गया है कि हर प्रोजेक्ट कैसे पूरा हुआ है. विपक्षी वाले प्रेजेंटेशन लेकर घूमते थे लेकिन कोस्टल रोड की एक ईंट भी नहीं लगा पाए. देवेंद्र फडणीवस मुख्यमंत्री बना और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब जाकर कोस्टल रोड का प्रोजेक्ट पास हुआ."
'कोस्टल रोड में उद्धव ठाकरे का एक योगदान'
उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "कोस्टल रोड में उनका एक योगदान है- अवैध भूमि पूजन. जिस समय कोस्टल रोड की सारी मान्यताएं लाई गईं, तो BMC को प्रोजेक्ट दिया गया. टेंडर आदि तय कर लिए गए. एक दिन अचानक उद्धव ठाकरे ने सुबह-सुबह मुझे बिना बुलाए उसका भूमि पूजन कर दिया. मैं उस समय मुख्यमंत्री था और उद्धव जी कुछ नहीं थे. उनको कोई अधिकार नहीं था."
इसके आगे सीएम फडणवीस ने बताया, "मुझे कमिश्नर का डरते-डरते फोन आया. बोले कि उद्धव ठाकरे ने तो भूमि पूजन कर दिया. आप कहेंगे तो हम आपके हाथ से भूमि पूजन करना चाहते हैं. आप मुख्यमंत्री हैं, यह प्रोजेक्ट आपका है. आपने इसपर मेहनत की है, आपको ही भूमि पूजन करना चाहिए."
'कमिश्नर ने डरते हुए मुझे किया फोन'- सीएम फडणवीस
कमिश्नर को जवाब देते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि उन्हें श्रेयवाद में नहीं पड़ना. उन्होंने कहा, "उद्धव ठाकरे हमारे साथी हैं. उन्हें ऐसा करना नहीं चाहिए था लेकिन कर दिया. अब उस बात को छोड़ दीजिए और काम में लग जाइए. उद्घाटन हम कर देंगे."
महायुति के प्रोजेक्ट का उद्घाटन करना चाहते थे उद्धव ठाकरे?
समृद्धि महामार्ग का इन्होंने इतना विरोध किया था, लेकिन जब सरकार में आए तो उसी प्रोजेक्ट का नाम बालठाकरे के नाम पर रख दिया गया. इस बात की तो हमें खुशी है. हम भी उन्हीं का नाम देते. हालांकि, उद्धव ठाकरे उसके उद्घाटन के पीछे लग गए. वह कर तो नहीं पाते उसका उद्घाटन, हम ही ने किया.
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