BMC में राज ठाकरे की बुरी हार के बाद चर्चा में ये बयान! यहां हुई मनसे चीफ से गलती?
BMC Elections 2026: मुंंबई चुनावों के नतीजे घोषित हो चुके हैं, जिसमें बीजेपी 118 सीटों के साथ बहुमत हासिल करने में कामयाब रही. वही राज ठाकरे की MNS ने को सीट न मिलने पर पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है.

महाराष्ट्र की राजनीति का केंद्र बने मुंबई नगर निगम चुनावों के नतीजे शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को घोषित कर दिए गए. सुबह 10 बजे वोटों की गिनती शुरू होने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बढ़त बनाते हुए मुंबई नगर निगम में सबसे बड़ी पार्टी बनने में कामयाबी हासिल कर ली.
समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी 118 सीटों पर, शिवसेना 28, ठाकरे गुट 60, कांग्रेस 12, MNS (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) 9 और निर्दलीय 8 सीटों पर आगे चल रहे हैं. मौजूदा हालात को देखते हुए साफ संकेत मिल रहे हैं कि मुंबई में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनेगी.
मनसे ने 53 सीटों पर लड़ा चुनाव
ठाकरे भाइयों ने मुंबई में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के सामने बड़ी चुनौती पेश की थी. हालांकि, इस लड़ाई में आखिरकार बीजेपी (BJP) बढ़त बना रही है, लेकिन ठाकरे गुट (शिवसेना ठाकरे कैंप) के उम्मीदवार 57 सीटों पर आगे चल रहे हैं. हालांकि, राज ठाकरे की MNS के सिर्फ 9 उम्मीदवार ही आगे चल रहे हैं.
राज ठाकरे की MNS ने 53 सीटों पर चुनाव लड़ा था. उनमें से सिर्फ 9 उम्मीदवारों के ही चुने जाने की संभावना है. इसे राज ठाकरे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
मनसे से कहां हो गई चूक?
मुंबई नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान शिवाजी पार्क में राज ठाकरे की रैली गेम चेंजर साबित हुई थी. इसके चलते उम्मीद थी कि राज ठाकरे की MNS को बड़ी सफलता मिलेगी. हालांकि, असल में ऐसा नहीं हुआ. इसलिए, कई लोगों के मन में यह सवाल है कि MNS से आखिर कहां गलती हुई.
MNS छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व नगरसेवक संतोष धुरी द्वारा दी गई चेतावनी की राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हो रही है.
'उद्धव ठाकरे गुट ने वे सींटे नहीं दी जो हमें चाहिए थी'
संतोष धुरी ने बीजेपी में शामिल होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उस समय संतोष धुरी ने कहा था कि MNS मुंबई नगर निगम में सिर्फ सात से आठ सीटें ही जीतेगी. ऐसा लगता है कि मुंबई में MNS के लिए 52 सीटें छोड़ दी गई हैं. हालांकि, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि सात या आठ सीटें भी जीती जाएंगी या नहीं. उद्धव ठाकरे गुट ने हमें वे सीटें नहीं दीं जो हम चाहते थे.
इसके विपरीत, ठाकरे गुट ने MNS को ऐसी सीटें दीं जहां ठाकरे गुट के पास कोई उम्मीदवार नहीं था या जहां उनके मौजूदा नगरसेवक का नाम खराब हो चुका था. माहिम, दादर, वर्ली, सेवरी, भांडुप जैसे इलाकों में जहां मराठों की आबादी ज़्यादा है, वहां MNS को सिर्फ़ एक सीट दी गई. संतोष धुरी ने कहा था कि ठाकरे ग्रुप ने MNS को वे सीटें दीं जहां वे हारना चाहते थे.
Source: IOCL






















