भिवंडी महानगरपालिका में बदले सियासी समीकरण, बीजेपी मेयर प्रत्याशी ने थामा कांग्रेस का हाथ
Bhiwandi Mayor Election: भिवंडी में बीजेपी के मेयर पद के उम्मीदवार एकनाथ चौधरी ने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया है. इस वजह से वहां का राजनीतिक समीकरण बदल गया है.

महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों के बाद मेयर पदों की चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और कामकाज भी शुरू हो गया है. चंद्रपुर और परभणी महानगरपालिका के बाद अब भिवंडी महानगरपालिका में बड़ा राजनीतिक ट्विस्ट देखने को मिल रहा है. भिवंडी में बीजेपी के मेयर पद के उम्मीदवार एकनाथ चौधरी ने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया है, जिससे वहां का राजनीतिक समीकरण बदल गया है. इस पृष्ठभूमि में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और भिवंडी के सांसद बाल्या मामा (सुरेश म्हात्रे) ने मेयर पद को लेकर जानकारी दी.
संख्याबल नहीं तो चुनाव नहीं- हर्षवर्धन सपकाल
हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि जब तक पर्याप्त संख्याबल नहीं होता, चुनाव नहीं कराया जाता भिवंडी में भी यही स्थिति थी. उन्होंने बताया कि भिवंडी में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के लिए 16 सीटें कम पड़ रही थीं. इसके बाद 'सेक्युलर फ्रंट' बनाया गया, जिसमें शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस के 12 नगरसेवक शामिल हुए. इससे संख्या 42 हो गई.
निर्दलीयों को साथ लाने की कोशिश की गई, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी. बीजेपी छोड़कर आए तो चर्चा के लिए तैयार सपकाल ने स्पष्ट किया कि बीजेपी और शिंदे गुट का समर्थन लेने की उनकी भूमिका नहीं थी. हालांकि, यदि कोई बीजेपी छोड़कर आता है तो चर्चा के लिए तैयार हैं.
बीजेपी को लेकर क्या बोले हर्षवर्धन सपकाल?
उन्होंने बताया कि नारायण चौधरी, जो पहले कांग्रेस में थे और चुनाव से पहले बीजेपी में गए थे, अब 9 नगरसेवकों के साथ सेक्युलर फ्रंट में शामिल हो गए हैं. नारायण चौधरी ने मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है, जबकि कांग्रेस की ओर से तारिक अनवर ने नामांकन भरा है. इसलिए भिवंडी का मेयर कौन बनेगा, यह शुक्रवार (20 फरवरी) को स्पष्ट हो जाएगा.
कांग्रेस-राष्ट्रवादी साथ
बाल्या मामा ने कहा कि पहले से तय था कि मेयर कांग्रेस का और डिप्टी मेयर समाजवादी पार्टी का होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यदि विलास पाटील आते तो उन्हें भी उपमहापौर पद देने के लिए तैयार थे. तकनीकी कारणों से गुट गठन या अन्य प्रक्रिया की जानकारी शुक्रवार को सामने आएगी. फिलहाल इतना स्पष्ट है कि एक बड़ा गुट टूट चुका है.
क्या कांग्रेस से नारायण चौधरी बनेंगे मेयर?
कांग्रेस, राष्ट्रवादी और नारायण चौधरी के समर्थन से मेयर पद के लिए बहुमत का आंकड़ा पार किया जा सकता है. कांग्रेस ने व्हिप जारी कर निर्देश दिया है कि नारायण चौधरी को मेयर पद के लिए कांग्रेस के तारीक मोमीन को डिप्टी मेयर पद के लिए वोट दिया जाए. हालांकि, यदि बीजेपी के व्हिप के खिलाफ मतदान हुआ तो पार्टी विरोधी कार्रवाई की संभावना है.
भिवंडी में कैसा है संख्या बल?
शुक्रवार (20 फरवरी) को मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होगा. नगरपालिका में कुल ताकत इस प्रकार है:
- कांग्रेस – 30
- बीजेपी – 22
- राष्ट्रवादी कांग्रेस – 12
- शिवसेना – 12
- समाजवादी पार्टी – 6
- कोणार्क विकास आघाड़ी – 4
- भिवंडी विकास आघाड़ी – 3
- निर्दलीय – 1
अब सबकी नजर शुक्रवार (20 फरवरी) के चुनाव पर टिकी है, जहां भिवंडी की सत्ता का फैसला होगा.



















