मध्य प्रदेश के डिजिटल क्रिएटर्स हो रहे ऑनलाइन स्कैम के शिकार, कई आईडी हुईं हैक
MP News In Hindi: मध्य प्रदेश में डिजिटल क्रिएटर्स ऑनलाइन स्कैम का शिकार हो रहे हैं. फेक लिंक और प्रमोशन के जरिए अकाउंट हैक व ठगी के मामले बढ़े है. क्रिएटर्स ने सतर्क रहने की सलाह दी है.

मध्य प्रदेश में जहां एक तरफ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने गांव-गांव की प्रतिभा को दुनिया तक पहुंचाने का रास्ता खोला है. वहीं दूसरी तरफ साइबर ठगों ने इसी रास्ते को अपना शिकारगाह बना लिया है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती लोकप्रियता के साथ साइबर ठगी और प्रमोशनल स्कैम के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. इस कड़ी में विंध्य के कई डिजिटल क्रिएटर्स ऑनलाइन स्कैम के शिकार हुए जिन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए क्रिएटर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है.
पिछले कई वर्षों से दीपक पटेल बघेली बोली और स्थानीय संस्कृति को अपने कंटेंट के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं. एक ऐसी भाषा, जो धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही थी. उसे उन्होंने अपने वीडियो और गीतों के जरिए नई पहचान देने का काम किया है. अपने क्षेत्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश में वे एक पॉपुलर चेहरा बन चुके हैं और उनकी वीडियोज इंडिया लेवल पर भी वायरल हो चुकी हैं. उनके फेसबुक पर लगभग 1.1 मिलियन और इंस्टाग्राम पर 5 लाख 15 हजार से अधिक फॉलोवर्स हैं, जो उनकी मजबूत डिजिटल पकड़ को दर्शाते हैं. उनकी एक वीडियो जहां इंस्टाग्राम पर 99 मिलियन व्यूज तक पहुंची, वहीं उनका एक बघेली गाना भी काफी वायरल हुआ, जिसे दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला.
क्या है पूरा मालमा
जानकारी के अनुसार, 31 जनवरी 2026 को सब कुछ अचानक बदल गया. एक प्रमोशनल कॉल, भरोसे का एक पल और फिर अकाउंट सस्पेंड. दीपक पटेल साइबर ठगों के जाल में फंस गए. उनका अकाउंट रिपोर्ट करवा दिया गया और फिर पैसे की मांग शुरू हो गई. एक क्रिएटर के लिए यह सिर्फ अकाउंट नहीं, बल्कि उसकी पहचान, मेहनत और दर्शकों से जुड़ा रिश्ता होता है जो एक झटके में टूट गया. दीपक कहते हैं, “हम सिर्फ वीडियो नहीं बनाते, अपनी भाषा और संस्कृति को बचाने की कोशिश करते हैं. अकाउंट का जाना हमारे लिए बहुत बड़ा झटका है.” उन्होंने अन्य क्रिएटर्स को सलाह दी कि किसी भी अनजान प्रमोशनल कॉल या लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें और सतर्क रहें.
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लगातार बढ़ते जा रहा डिजिटल स्कैम
साथ ही बढ़ते डिजिटल स्कैम के शिकार सिर्फ दीपक ही नहीं बल्कि कई दूसरे क्रिएटर्स भी हुए. विंध्य के ऋषभ भी एक सफल डिजिटल क्रिएटर्स है जिन्हें फेक ब्रांड कोलैब के नाम पर लिंक भेजा गया, क्लिक करते ही इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया. इसी तरह की ठगी डिजिटल क्रिएटर मनीष के साथ हुई जिन्हें वेरिफिकेशन बैज दिलाने का झांसा देकर ₹25,000 की ठगी. टाइपिंगर गुरु (Typinger Guru) नाम के डिजिटल क्रिएटर से प्रमोशन के नाम पर एडवांस पेमेंट मांगा गया, पैसे भेजने के बाद संपर्क पूरी तरह बंद.
क्या कहता है डिजिटल स्कैम्स का शिकार हुए क्रिएटर्स
डिजिटल स्कैम्स का शिकार हुए क्रिएटर्स का कहना है कि अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत भरोसा न करें. किसी भी “प्रमोशन” या “वेरिफिकेशन” ऑफर की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि करें. अपने अकाउंट पर 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर चालू रखें. पासवर्ड नियमित रूप से बदलें और किसी को भी OTP या लॉगिन डिटेल्स न दें. क्रिएटर्स ने Meta से अपील की है कि ऐसे मामलों में वास्तविक क्रिएटर्स को पहचानकर उनके अकाउंट की सुरक्षा और रिकवरी प्रक्रिया को मजबूत किया जाए.
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