मंडला में कुत्तों की नसबंदी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, एक कमरे में कंटेनर से मिले 795 अंग
Mandla News In Hindi: जिला प्रशासन, पुलिस,नगर पालिका और पशु चिकित्सालय की संयुक्त टीम को छापेमारी में एक कमरे में दो कंटेनर में 795 अंग मिले हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

मध्य प्रदेश के मंडला में कुत्तों की नसबंदी के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है. आरोप है कि एक निजी कंपनी ने जिले के बाहर से कुत्तों के प्रजनन अंग लाकर मंडला में फर्जीवाडा करने का प्रयास किया है. हालांकि, इससे पहले वे अपने मंसूबों पर कामयाब होता उससे पहले ही एक एनिमल एक्टिविस्ट निशा ठाकुर ने इस पूरे मामले का भांडाफोड कर दिया.
दरअसल, नगर पालिका परिषद मंडला की ओर से कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर जारी किया गया था. पगार पालिका अधिकारी गजानन नफाड़े ने बताया कि यह टेंडर जबलपुर की एक निजी संस्था मां अंबे एंटरप्राइजेज को मिला. इस संस्था को 669 रु प्रति नसबंदी के हिसाब से टेंडर प्राप्त हुआ. मगर, जब इनकी ओर से तय समय में अपना कार्य नहीं किया गया तो नगर पालिका ने दो-तीन नोटिस देने के बाद टेंडर निरस्त कर दिया.
कुत्ते की नसबंदी करने वाली निजी संस्था ने सेल्टर होम संचालक व एनिमल एक्टिविस्ट निशा ठाकुर को बताया कि नगर पालिका ओर से उन्हें टेंडर तो दिया गया है. निजि संस्था ने यह भी बताया कि नगर पालिका की ओर से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई. नसबंदी करने वाली संस्था ने बताया कि जिस कांजी हाउस में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया गया था, वहा सुविधा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं की गई.
निशा ठाकुर ने मामले की प्रशासन से की शिकायत
इस पर निशा ठाकुर ने उन्हें अपने सेल्टर होम में एक कमरा दे दिया, संस्था के द्वारा जब ढाई माह पूरे होने के बावजूद भी कोई काम नहीं किया गया. इस पर निशा ठाकुर को इनके मंसूबों पर शक हुआ. जब एनिमल एक्टिविस्ट ने अपने स्तर से पड़ताल की तो उन्हें आशंका हुई कि कमरे में बाहर से लाकर बड़ी संख्या में कुत्तों के प्रजनन अंग रखे गए है. निशा की ओर से इस बात की शिकायत जिला प्रशासन, पुलिस व नगर पालिका से की गई.
छापेमारी के दौरान कमरे से 795 अंग मिले
शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन, पुलिस,नगर पालिका और पशु चिकित्सालय की संयुक्त टीम ने उक्त कमरे में छापेमारी की. इस दौरान मौके से दो कंटेनर में 795 अंग मिले, जिनमें नर कुत्तों के 518 व मादा के 217 अंग बरामद किए गए. इन अंगों को सड़ने से बचाने के लिए एक केमिकल में डुबोकर रखा गया था. आशंका जताई जा रही है कि बाहर से लाए इन अंगों को मंडला नसबंदी के अंग बताकर बड़ा फर्जीवाड़ा करने की साजिश रची गई थी.
मामले में क्या बोले एसपी?
इस बाबत पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि नगर पालिका मंडला की तरफ से उन्हें इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है. जिस पर सभी पक्षों से जानकारी हासिल की जा रही है. जिसके बाद इस पूरे मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
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Source: IOCL
























