सरायकेलाः NGT की रोक को ठेंगा? CM सोरेन के ननिहाल में बालू का अवैध परिवहन, 6 हाईवा जब्त
सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह अंचल में एनजीटी की रोक बावजूद बालू के अवैध परिवहन पर प्रशासन ने कार्रवाई की है. प्रशासनिक टीम ने 6 हाईवा को जब्त किया है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ननिहाल सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह अंचल में एनजीटी की रोक बावजूद बालू के अवैध परिवहन पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है. प्रशासन ने रविवार 25 अक्टूबर की सुबह गश्ती के दौरान आदरडीह स्थित एसएम स्टील परिसर के समीप बालू लदे 6 हाईवा जब्त किए गए हैं. वहीं, इस दौरान वाहन चालक मौके से फरार हो गए. एक साथ छह हाईवा पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में चल रहे बालू के अवैध कारोबार और इसके नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
अंचल अधिकारी अभय द्विवेदी के कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार, 25 अक्टूबर की सुबह करीब 8:23 बजे गश्ती के क्रम में आदरडीह स्थित एसएम स्टील परिसर के पास छह हाईवा बालू लदे पाए गए. वाहनों में मौजूद बालू के परिवहन से संबंधित वैध कागजात की जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं होने तथा चालकों के मौके से फरार हो जाने के बाद प्रशासन ने सभी वाहनों को जब्त कर लिया. कार्रवाई के दौरान 6 हाईवा के चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए.
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जिला खनन पदाधिकारी को दी गई कार्रवाई की जानकारी
इसके बाद जब्त हाईवा को एसएम स्टील के सुरक्षा गार्ड के माध्यम से नीमडीह थाना प्रभारी के सुपुर्द किया गया. पूरे मामले की जानकारी जिला खनन पदाधिकारी, सरायकेला- खरसावां को भी दी गई है, ताकि खनन एवं परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा सके. जब्त वाहनों में BR08G- 5632, CG12S- 6101, JH16A- 9226, JH02AE- 2434, JH01AX- 4189 और JH02AK- 2631 नंबर के हाईवा शामिल हैं.
बालू माफियाओं में खत्म हुआ प्रशासन का डर?
गौरतलब है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नानी घर घटनास्थल से चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. सीएम हेमंत सोरेन अक्सर यहां परिवार के साथ भ्रमण पर आते रहते हैं, ऐसे में ननिहाल के रेडियस में आने वाले क्षेत्र में अगर एनजीटी के रोक के बावजूद अवैध बालू की खुलेआम ढुलाई हो रही है तो यह स्पष्ट है कि बालू माफियाओं में प्रशासन का डर खत्म हो चुका है.
वहीं नीमडीह के अंचल अधिकारी अभय द्विवेदी द्वारा किए गए इस औचक कार्रवाई पर दबे जुबान से बालू माफियाओं के टारगेट में अंचल अधिकारी का आना संभव बताया जा रहा है. आपको बता दें पिछली सरकार के दौरान एक डिप्टी कलेक्टर को जमशेदपुर के रेलवे क्रॉसिंग के पास चलती ट्रेन से कूद कर जान देने का मामला सामने आया था.
अब आगे देखना बाकी है कि क्या इस पर जिला प्रशासन कोई कार्रवाई करेगा. आपको बता दें पूरे मामले को लेकर उपायुक्त सरायकेला खरसावां नीतीश कुमार सिंह ने कठोर भाषा का प्रयोग करते हुए कहा है कि जिले में किसी प्रकार के अवैध कारोबार को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा. वरना प्रशासन सख्त कार्रवाई करने को भी विवश हो जाएगी.
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